शहर की पेयजल पाइपलाइन बदले जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंचीः उपायुक्त सचिन गुप्ता
जल संरक्षण, गुणवत्ता और ग्रीष्मकालीन तैयारियों पर विशेष जोर।
रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा है कि शहरी क्षेत्र में खराब हो चुकी पेयजल पाइपलाइन को बदलने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस परियोजना के लिए विस्तृत निविदा आमंत्रण सूचना (डीएनआईटी) स्वीकृति के लिए सरकार को भेज दी गई है और शीघ्र ही इस पर कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।
उपायुक्त सचिन गुप्ता जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस बैठक में विधायक भारत भूषण बत्तरा एवं शकुंतला खटक, नगर निगम आयुक्त डॉ. आनंद शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। उपायुक्त ने बताया कि शहर के क्षेत्रों से गंदे पानी की पुरानी पेयजल पाइपलाइन को प्राथमिकता के आधार पर बदला जाएगा। इसके साथ ही शहर के अनुमोदित क्षेत्रों में, जहां अभी तक पेयजल पाइपलाइन नहीं पहुंची है, वहां नई लाइन बिछाई जाएंगी, जिस पर लगभग 16.70 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
उपायुक्त ने बताया कि जवाहर लाल नेहरू कैनाल से प्रथम जलघर तक करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबी 800 एमएम व्यास की पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिस पर लगभग 26.65 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से रैनकपुरा में बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण किया गया है, जिसे जल्द ही चालू कर दिया जाएगा। उन्होंने जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक में ग्रामीण जल आपूर्ति को सुदृढ़, सुरक्षित एवं सतत बनाए रखने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च से 22 मार्च (विश्व जल दिवस) तक आयोजित ‘जल महोत्सव’ के तहत जिले में व्यापक जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। बैठक में आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए जल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष तैयारियों पर चर्चा की गई। पाइपलाइन लीकेज की पहचान एवं मरम्मत, जल स्रोतों की स्वच्छता, आवश्यकतानुसार टैंकरों की व्यवस्था तथा जल संरक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में नई संचालन एवं रखरखाव नीति के तहत ग्राम पंचायतों को जल आपूर्ति प्रणाली का प्रबंधन सौंपने की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई। शिकायत निवारण प्रणाली को और प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए उपायुक्त ने कहा कि शिकायत निवारण केंद्र के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के त्वरित समाधान किया जाए। नागरिक जलापूर्ति एवं सीवरेज से संबंधित समस्याओं के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-5678 पर भी नागरिक अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
बैठक में नगर निगम की संयुक्त आयुक्त नमिता सिंह, जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता शिवराज, डीडीपीओ राजपाल चहल, सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र, डीईईओ दिलजीत सिंह, डीपीसी सुमन हुड्डा सहित अन्य संबंधित विभागों के उच्च अधिकारी मौजूद रहे।

Girish Saini 

