निर्माण और ध्वस्तीकरण पर 20 नवंबर तक रोक, पराली जलाने पर भी सख्ती

हॉटस्पॉट पर पानी का छिड़काव और उल्लंघन करने वालों के चालान के निर्देश, रात में भी सक्रिय रहेंगी निगरानी समितियां

निर्माण और ध्वस्तीकरण पर 20 नवंबर तक रोक, पराली जलाने पर भी सख्ती

रोहतक, गिरीश सैनी। वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। उपायुक्त सतबीर सिंह ने जिले की राजस्व सीमा में 20 नवंबर 2026 तक धूल उत्पन्न करने वाली निर्माण एवं ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने के निर्देश दिए हैं। यह प्रतिबंध सड़क, राजमार्ग, फ्लाईओवर, पाइपलाइन और दूरसंचार सहित रैखिक सार्वजनिक परियोजनाओं पर भी लागू होगा। हालांकि, अस्पताल, रेलवे, मेट्रो, हवाई अड्डे, जलापूर्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं को छूट रहेगी।

लघु सचिवालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने कहा कि सीएक्यूएम के निर्देशों की पालना में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। संबंधित विभाग हॉटस्पॉट पर धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव करवाएं और नियमित निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान करें। पुलिस को यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

उन्होंने पराली जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने तथा निगरानी समितियों को रात में भी सक्रिय रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों को निरीक्षण और कार्रवाई की दैनिक रिपोर्ट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजनी होगी।