गांव-गांव तक विकास की गूंज पहुंचाएगा राम-राम हरियाणाः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

रेडियो कार्यक्रम की अवधि 29 अप्रैल से एक घंटा होगी।

गांव-गांव तक विकास की गूंज पहुंचाएगा राम-राम हरियाणाः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान
Source: IANS

नीलोखेड़ी, गिरीश सैनी। प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और विकास से जुड़े मुद्दों पर जन-जागरूकता को प्रखर करने में सामुदायिक रेडियो की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान द्वारा संचालित रेडियो सेतु कार्यक्रम राम-राम हरियाणा को और अधिक प्रभावी, रोचक तथा जनहितकारी बनाने के लिए समय-समय पर सुधार आवश्यक हैं। ये उद्गार संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने प्रदेश भर के सामुदायिक रेडियो संचालकों की  कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए।

राम-राम हरियाणा रेडियो कार्यक्रम से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर आयोजित एक बैठक में कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बनाने, वर्तमान में आ रही समस्याओं के समाधान, तथा कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से संचालित करने पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में विभिन्न सामुदायिक रेडियो स्टेशनों से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें सांझा रेडियो यमुनानगर से डॉ मनमोहन सिंह, इरादा रेडियो थानेसर से राजपाल पांचाल, रेडियो वितस्ता 90.0 से भारत सोपोरी, रेडियो एनजीएफ से जितेश पोसवाल, तथा संस्थान की ओर से सहायक आचार्य सुशील मेहता, संदीप कुमार, कमलदीप सांगवान एवं राष्ट्रीय ग्रामीण विकास विभाग से वरिष्ठ सलाहकार गुरबिंदर सिंह शामिल रहे।

कार्यशाला के दौरान राम-राम हरियाणा कार्यक्रम के प्रसारण समय में संभावित बदलाव पर भी विचार-विमर्श किया गया। फिलहाल ये कार्यक्रम सुबह 9:00 से 9:30 बजे तक प्रसारित होता था, जिसमें श्रोताओं की सुविधा और सहभागिता बढ़ाने के लिए समय में परिवर्तन की संभावनाओं पर चर्चा की गई। 29 अप्रैल से कार्यक्रम की अवधि एक घंटा करने का निर्णय लिया गया। इसी दिन से कार्यक्रम शाम 4 से 5 बजे प्रसारित होगा। इसके अलावा कार्यक्रम की विषय-वस्तु को और अधिक जन-सरोकारों से जोड़ने, तकनीकी गुणवत्ता सुधारने तथा श्रोताओं की प्रतिक्रिया को शामिल करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी सुझाव प्रस्तुत किए गए।

सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने अनुभव साझा करते हुए कार्यक्रम की पहुंच बढ़ाने, स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देने और बेहतर समन्वय के माध्यम से इसे प्रदेश स्तर पर और अधिक लोकप्रिय बनाने पर बल दिया।

अंत में निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने सभी सुझावों को गंभीरता से लागू करने का आश्वासन देते हुए कहा कि सामुदायिक रेडियो के माध्यम से जन-जागरूकता और विकास के संदेश को हर घर तक पहुंचाना संस्थान की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।