एआई के दौर में युवाओं की भूमिका अहमः वीसी प्रो. मिलाप पूनियाँ

स्पोर्टेक-26 पुरस्कार समारोह में खिलाड़ियों को किया सम्मानित।

एआई के दौर में युवाओं की भूमिका अहमः वीसी प्रो. मिलाप पूनियाँ

रोहतक, गिरीश सैनी। प्रौद्योगिकी के इस तीव्र परिवर्तनशील दौर में, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव के बीच, युवाओं की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। विकसित भारत के निर्माण के लिए आज के विद्यार्थियों को नवाचार, अनुशासन और दूरदृष्टि के साथ आगे बढ़ना होगा। ये उद्गार एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी द्वारा आयोजित स्पोर्टेक-26 पुरस्कार वितरण समारोह में व्यक्त किए।

कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने बतौर मुख्य अतिथि, विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। उन्होंने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के प्रेरणादायक शब्दों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में एक स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें और उसे प्राप्त करने के लिए सतत प्रयासरत रहें। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को मोबाइल की सीमित दुनिया से बाहर निकलकर तकनीक के रचनात्मक और उत्पादक उपयोग की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, ताकि वे विश्वविद्यालय और देश का नाम रोशन कर सकें।

बतौर विशिष्ट अतिथि, कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपनी प्रतिभा को पहचानें, समय का सदुपयोग करें और हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने का लक्ष्य रखें। उन्होंने विजेता प्रतिभागियों को बधाई दी। इस दौरान डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. सपना गर्ग, यूआईईटी निदेशक प्रो. अश्विनी ढींगड़ा, प्रो. युद्धवीर सिंह, प्रो. विनीत सिंगला, स्पोर्टेक कोऑर्डिनेटर डॉ. योगेश सहित अन्य प्राध्यापक, शोधार्थी व विद्यार्थी मौजूद रहे। समारोह में विभिन्न खेल प्रतिस्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाडियों और टीमों को सम्मानित किया गया।