डी-पार्क अग्निकांड के पीड़ित परिवारों के लिए घोषित मुआवजे को नाकाफ़ी बताया सांसद दीपेन्द्र ने
भरपूर मुआवजे के साथ पीड़ितों के परिजनों को एक-एक सरकारी नौकरी देने की मांग की।
रोहतक, गिरीश सैनी। रोहतक से लोकसभा सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि डी-पार्क में हुए अग्निकांड के संदर्भ में लोगों द्वारा उठाए गए सवाल बेहद गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना पर कोई राजनीति नहीं करना चाहते, लेकिन प्रजातंत्र में विपक्ष का दायित्व होता है कि जनता की आवाज सरकार तक पहुंचाएं।
उन्होंने डी-पार्क अग्निकांड के पीड़ित परिवारों के लिए घोषित मुआवजे को नाकाफ़ी बताते हुए सरकार से आग्रह किया कि भरपूर मुआवजे के साथ पीड़ित परिवारों के परिजनों को एक-एक सरकारी नौकरी दे। भविष्य में ऐसा भीषण अग्निकांड न हो इसके लिए सरकार प्रभावी कदम उठाते हुए प्रदेश में अग्निशमन कर्मियों की भर्ती तथा दमकल वाहनों की पूर्ति करे।
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि अगर अग्निशमन विभाग के पास पर्याप्त संसाधन होते तो इस नुकसान से बचा जा सकता था। लेकिन आज हालत ये है कि प्रदेश में 50 प्रतिशत फायरमैन के पद खाली पड़े हुए हैं। ढाई साल से उनकी भर्ती लटकी पड़ी है। भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के समय रोहतक फायर स्टेशन पर 16 फायर ब्रिगेड की गाडियां एक्टिव थी, जबकि वर्तमान में यह संख्या केवल 6 गाड़ियों तक सिमट गई है। दूसरी ओर, आबादी बढ़ने के अनुपात में अग्निशमन गाडियों व स्टाफ की संख्या में बढोतरी करने की बजाय बीजेपी सरकार ने दोनों की संख्या घटाने का काम किया है।
दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि अगर वक्त पर सिस्टम सक्रिय होता और शुरुआती बचाव काम कर जाता, तो 3 जिंदगी और करोड़ों की संपत्ति को खाक में बदलने से बचाया जा सकता था। उन्होंने कहा कि डी-पार्क पहुंची पहली फायर ब्रिगेड गाड़ी का प्रेशर इतना कम था कि वो जाम हो गई और पूरे प्रेशर से पानी नहीं मार पाई। जबकि, दूसरे दमकल वाहन को आने में लगभग 50 मिनट लग गए, तब तक जान और संपत्ति का भारी नुकसान हो चुका था। उन्होंने कहा कि सभी पीड़ितों को पूरा-पूरा मुआवजा मिलना चाहिए और दुकानों के पुनर्निर्माण व दुकानों में रखे सामान का पूरा मुआवजा देकर नुकसान की भरपाई की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि पीड़ितों की आजीविका फिर से स्थापित हो सके।
Girish Saini 


