बीएमयू में एमओसी और शिक्षा का रूपांतरण विषय पर कार्यशाला आयोजित

बीएमयू में एमओसी और शिक्षा का रूपांतरण विषय पर कार्यशाला आयोजित

रोहतक, गिरीश सैनी। बाबा मस्तनाथ विवि, अस्थल बोहर में बृहत् मुक्त ऑनलाइन पाठ्यक्रम (एमओओसी) और स्वयं के माध्यम से शिक्षा का रूपांतरण विषय पर एक विस्तार व्याख्यान एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। विज्ञान संकाय द्वारा एमओओसी एवं स्वयं सेल तथा आईक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में लगभग 60 प्रतिभागियों सहित विज्ञान संकाय के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों और विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षण मंचों, ऑनलाइन पाठ्यक्रमों तथा नई शिक्षा पद्धतियों से परिचित कराना था।

कार्यक्रम का आयोजन कुलपति डॉ. बी. एम. यादव तथा कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में हुआ। डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. नवीन कुमार ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक शैक्षणिक वातावरण में विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए डिजिटल संसाधनों का प्रभावी उपयोग अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने युवा शोधार्थियों को शोध एवं शैक्षणिक चुनौतियों का गंभीरता से विश्लेषण करने तथा नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता प्रो. मनोज कुमार ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम विद्यार्थियों और शिक्षकों को वैश्विक स्तर के ज्ञान संसाधनों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशेषज्ञ प्रो. जगबीर अहलावत ने एमओओसी एवं स्वयं सेल की उपयोगिता, संरचना और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि डिजिटल शिक्षा पारंपरिक शिक्षण पद्धति को अधिक लचीला, सुलभ और विद्यार्थी-केंद्रित बना रही है। उन्होंने स्वयं मंच पर उपलब्ध विभिन्न पाठ्यक्रमों, उनमें नामांकन की प्रक्रिया, पर्यवेक्षित परीक्षाओं में भागीदारी तथा निःशुल्क शैक्षणिक श्रेयांक अर्जित करने की प्रक्रिया को सरल एवं व्यावहारिक ढंग से समझाया।

आयोजन सचिव डॉ. संगीता मलिक ने एमओओसी और स्वयं की शिक्षा क्षेत्र में बढ़ती प्रासंगिकता पर विशेष बल दिया। इस दौरान प्रतिभागियों को श्रेयांक अंतरण नीति, ऑनलाइन प्रमाणन के लाभ तथा एमओओसी की पारंपरिक कक्षा शिक्षण के पूरक के रूप में भूमिका के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान डॉ. रवि राणा, डॉ. प्रवीण भट्ट, डॉ. रणवीर सिंह, डॉ. जगतवीर सिंह, डॉ. पूजा बुधिराजा, डॉ. विनोद भाटिया, डॉ. नितिका, डॉ. पारुल, डॉ. कृपा राम सहित शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।