महिलाएं मुखर होकर अपनी समस्याएं उठाएं - डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

महिला ग्राम सभा में नशे की समस्या और बिगड़ते लिंगानुपात पर जताई चिंता।

महिलाएं मुखर होकर अपनी समस्याएं उठाएं - डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

करनाल, गिरीश सैनी। महिलाएं अपनी समस्याओं के बारे में मुखर होकर आवाज उठाना शुरू करें। जब और जहां महिलाएं खुलकर अपनी बात करती हैं, उनकी समस्याएं समाज और सरकार दोनों के ध्यान में आती हैं और इसके साथ ही उनके समाधान का सिलसिला भी शुरू होता है। ये उद्गार हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने बतौर मुख्य अतिथि, असंध खंड के गांव बंदराला के आंगनबाड़ी परिसर में आयोजित महिला ग्राम सभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित इस महिला ग्राम सभा की अध्यक्षता गांव की सरपंच अक्विंदर कौर ने की।

महिला ग्राम सभा में चर्चा के अंत में डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने आंगनबाड़ी केंद्र में जल्द बिजली के पंखों की व्यवस्था करने और उप स्वास्थ्य केंद्र में बिजली और पानी की आपूर्ति के लिए संबंधित विभाग के साथ संवाद कर इस मामले में प्रभावी हस्तक्षेप का आश्वासन दिया।

 इस दौरान गांव की महिलाओं ने शिक्षा, नशामुक्ति और लिंगानुपात जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर चर्चा की। बिंदर कौर ने गांव के प्राथमिक विद्यालय को अपग्रेड करने की आवश्यकता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि गांव में केवल पांचवीं कक्षा तक ही पढ़ाई की व्यवस्था है और आगे की पढ़ाई के लिए बच्चियों को दूसरे गांव भेजना पड़ता है। कई अभिभावक बेटियों को दूसरे गांव भेजने से कतराते हैं, जिसके कारण अनेक बच्चियों की पढ़ाई बीच में ही छूट जाती है।

ममता ने गांव में बढ़ते नशे के कारोबार और उसके दुष्परिणामों पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि उनके खुद के पति की मृत्यु भी नशे की लत के कारण हुई थी। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों में नशे की समस्या है, वहां महिलाओं के साथ मारपीट और घरेलू हिंसा की घटनाएं भी आम हो गई हैं।

उप स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों ने गांव में लिंगानुपात की चिंताजनक स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि जन्म लेने वाले बच्चों में लड़कों की संख्या लड़कियों की तुलना में लगभग दोगुनी है। जागरूकता अभियानों के बावजूद पिछले कई वर्षों से स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है। गंभीरतापूर्वक चर्चा उपरांत ये निर्णय लिया गया कि सरपंच अक्विंदर कौर की अध्यक्षता में आने वाले दिनों में शिक्षा, नशामुक्ति और बेटियों के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर और अधिक सक्रियता के साथ काम किया जाएगा, ताकि गांव में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।

इस दौरान आशा वर्कर राजविंदर कौर, पंच बलदेव सिंह, बलजीत सिंह, ग्राम सचिव करण, समाजसेवी डॉ भजन लाल सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।