कुपोषित बच्चों का कुपोषण दूर करने में अहम भूमिका निभा रहा महिला एवं बाल विकास विभागः उपायुक्त सचिन गुप्ता
381 आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित हो रही पोषण वाटिकाएं।
रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं एवं बच्चों के पोषण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। विभाग द्वारा अति कुपोषित बच्चों एवं आंशिक रूप से कुपोषित बच्चों के पोषण में सुधार लाकर उन्हें स्वस्थ बनाया जा रहा है।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने महिला एवं बाल विकास विभाग की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि विभाग द्वारा गत अक्टूबर 2025 में चिन्हित किए गए जिला के अतिकुपोषित 166 बच्चों के पोषण स्तर में सुधार कर 135 बच्चों को कुपोषण से छुटकारा दिलवाया। इसी दौरान चिन्हित 975 आंशिक कुपोषित बच्चों में से 583 बच्चों के पोषण में भी सुधार करने में सफलता मिली है। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे चिन्हित किए गए बच्चों के पोषण को सुधारने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये तथा परिजनों को संतुलित आहार की महत्व भी समझाये।
उपायुक्त ने कहा कि जिला में 1004 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जा रहे है। उन्होंने इन आंगनबाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता बारे भी समीक्षा की। विभाग द्वारा जिला में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की शैक्षणिक क्षमता को बढ़ाने के लिए रॉकेट लर्निंग एनजीओ की मदद भी ली जा रही है तथा 3 से 6 वर्ष के बच्चों में शैक्षणिक स्तर को डिजिटल माध्यम से बढ़ाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला के चिन्ह्ति आंगनबाड़ी केन्द्रों में पेयजल व शौचालयों के कार्य को मिशन मोड में पूरा करवाया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चे के पहले एक हजार दिन मस्तिष्क विकास एवं तेजी से सीखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते है। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार 9 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक 8वें पोषण पखवाड़े के तहत सभी निर्धारित गतिविधियां आयोजित करवाई जायें।
उपायुक्त ने कहा कि विभाग द्वारा निजी स्वास्थ्य संस्थानों में गर्भपात करवाने वाली महिलाओं के कारण की जांच की जाये। यदि गर्भपात करवाने वाली महिला का पहला बच्चा लडक़ी है तो ऐसे मामलों की विशेषकर जांच की जाये। वन स्टॉप सेंटर बारे महिलाओं को निरंतर जागरूक किया जाए। जिला में बाल उत्सव के तहत गतिविधियों की योजना तैयार की जाए। विभाग द्वारा डिजिटल सखी के तहत महिलाओं को ऑनलाइन साइबर सुरक्षा के दृष्टिगत जागरूक किया गया है। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किशोरियों को सेनेटरी पैड के प्रयोग करने एवं व्यक्तिगत हाइजीन अपनाने बारे जागरूक करें। उन्होंने पोक्सो अधिनियम, घरेलू हिंसा इत्यादि के मामलों की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस दौरान विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी दीपिका सैनी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी कुलदीप सिंह, जिला संरक्षण अधिकारी करमिन्द्र कौर, सीडीपीओ मंजू यादव सहित अन्य मौजूद रहे।

Girish Saini 

