कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने किया -रूट्स एंड विंग्स- मिलन समारोह का शुभारंभ

बरसों बाद मिलकर भावुक हुए एनेस्थीसिया विभाग के पुराने साथी।

कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने किया -रूट्स एंड विंग्स- मिलन समारोह का शुभारंभ

रोहतक, गिरीश सैनी। पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि के एनेस्थीसिया विभाग द्वारा रविवार को रूट्स एंड विंग्स – यादों से फिर मुलाकात नामक मिलन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें साल 1960 से लेकर वर्तमान तक के करीब 200 चिकित्सकों ने पुराने दिनों की याद ताजा की।

बतौर मुख्य अतिथि, कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विशेष अतिथि के रूप में पूर्व छात्र और दो बार सांसद रहे डॉ. सुशील कुमार इंदौरा, कुलसचिव डॉ. रूप सिंह, निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल, डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ एम.जी. वशिष्ठ, डीन छात्र कल्याण डॉ सविता सिंघल, डॉ. सुशीला तक्षक सहित देश-विदेश में सेवारत एनेस्थेटिस्ट शामिल हुए।

कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने एनेस्थीसिया विभाग को अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग बताते हुए कहा कि ओटी और आईसीयू में मरीज की सुरक्षा की पहली जिम्मेदारी इसी विभाग की होती है। उन्होंने कहा कि विभाग से निकले चिकित्सक पूरी दुनिया में अच्छे पदों पर विराजमान होकर संस्थान का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विवि नई तकनीक पर आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम की शुरुआत -मुसाफिर हैं हम भी, मुसाफिर हो तुम भी गीत की पंक्तियों से हुई। निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने विभाग का इतिहास साझा करते हुए बताया कि 1963 में डॉ. जी.एल. कामरा ने इस विभाग की नींव रखी थी। उस वक्त सिर्फ 5 फैकल्टी सदस्य थे, जिनकी संख्या आज 54 हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में संसाधन सीमित थे, लेकिन असीम  समर्पण के चलते आज विभाग के पास आधुनिक ओटी, आईसीयू, पेन क्लिनिक और एडवांस मॉनिटरिंग सिस्टम हैं। कोविड काल में एनेस्थीसिया टीम ने फ्रंटलाइन पर काम कर देश भर में मिसाल कायम की।

डॉ. किरणप्रीत ने अपने छात्र जीवन की यादें साझा करते हुए बताया कि 1985 बैच में एमबीबीएस के विद्यार्थियों में सबसे ज्यादा एनेस्थीसिया विभाग में आए थे। डॉ. दीपक ने कहा कि सालों बाद पुराने सभी साथियों को एक साथ देखकर लगा जैसे वक्त पीछे लौट गया हो। कोविड में अपनी मेहनत से पहचान बनाने वाली डॉ. कामना कक्कड़ ने अपनी शिक्षिका डॉ. सुशीला तक्षक को अपनी सफलता का श्रेय दिया। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. के.एल. गर्ग ने शायरी के माध्यम से डॉक्टर-मरीज के रिश्ते पर प्रकाश डाला।

विभाग के पूर्व छात्र रहे, दो बार के सांसद डॉ. सुशील इंदौरा ने कहा कि आज अपने पुराने कॉलेज में आकर बहुत अच्छा लगा। ऐसे मिलन समारोह से ही यादें जिंदा रहती हैं। आयोजन सचिव डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि कार्यक्रम को तीन हिस्सों में बांटा गया। पहले चरण में डॉ. जतिन लाल और डॉ. ममता भारद्वाज ने फोटो पहचानो क्विज आयोजित की, जिसमें चिकित्सक अपनी 30-40 साल पुरानी तस्वीर देखकर भावुक हो गए। 

दूसरे चरण में फैकल्टी मेंबर्स की रैंप वॉक हुई। इसके बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुई। अंतिम चरण में विभाग के दौरे के साथ ही पुरानी क्लिप दिखाई गई। कार्यक्रम में बेस्ट टीचर के खिताब से डॉ. बलबीर छाबड़ा, डॉ. सविता सैनी और डॉ. सी.वी. सिंह को सम्मानित किया गया। इस दौरान पं. भगवत दयाल शर्मा की नातिन गरिमा शर्मा भी विशेष तौर पर उपस्थित रही। अंत में सभी ने ग्रुप फोटो खिंचवाई।