यूएचएसआर की सीईटी परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न, 86 केंद्रों पर 21,231 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
रोहतक, गिरीश सैनी। पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि (यूएचएसआर), रोहतक द्वारा नर्सिंग एवं पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सीईटी) रविवार को प्रदेशभर में शांतिपूर्ण, नकल रहित और पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए हरियाणा के विभिन्न जिलों में 86 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा के लिए कुल 23,147 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 21,231 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 1,916 अनुपस्थित रहे।
कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि विवि की प्राथमिकता विद्यार्थियों को सुविधा देने के साथ परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखना है। इसी उद्देश्य से अभ्यर्थियों को दूर-दराज से रोहतक आने की परेशानी से बचाने के लिए प्रदेशभर में परीक्षा केंद्र बनाए गए। उन्होंने परीक्षा के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, डीएमईआर पंचकूला और विवि के अधिकारियों-कर्मचारियों का आभार जताया।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुखदेव चांदला ने बताया कि परीक्षा की निगरानी के लिए वरिष्ठ फैकल्टी सदस्यों की कई फ्लाइंग स्क्वायड टीमें गठित की गई थीं। इन टीमों ने सभी 86 केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। कुलपति डॉ. अग्रवाल ने भी करीब आधा दर्जन केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान संयुक्त परीक्षा नियंत्रक डॉ. नेहा सिक्का, डिप्टी रजिस्ट्रार विनय सैनी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कुलसचिव डॉ. रूप सिंह ने बताया कि नकल रोकने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी केंद्रों पर अभ्यर्थियों की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और बायोमेट्रिक प्रक्रिया अपनाई गई। सभी केंद्र मोबाइल फोन जैमर और सीसीटीवी नेटवर्क से लैस रहे।
जनसंपर्क विभाग के इंचार्ज डॉ. मंजूनाथ ने बताया कि परीक्षा के संचालन में 86 सेंटर सुपरिटेंडेंट, 86 डिप्टी सुपरिटेंडेंट, 740 इनविजिलेटर, 86 ऑब्जर्वर, 50 फ्लाइंग स्क्वायड टीमें, 610 सुरक्षा कर्मी, करीब 249 ग्रुप-डी कर्मचारी और 700 से अधिक पुलिस जवान तैनात रहे।
सीईटी के माध्यम से बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग, एनपीसीसी, बीपीटी, एमपीटी और अन्य पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षा सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक आयोजित हुई।

Girish Saini 

