हरियाणा की बेटी भाविका की अंतरराष्ट्रीय उड़ान, ब्रिटेन के प्रतिष्ठित पीएचडी कार्यक्रम में चयन
पीएम 2.5 और वायु प्रदूषण से जुड़े वैज्ञानिक पहलुओं पर करेंगी शोध।
रोहतक/चंडीगढ़, गिरीश सैनी। रोहतक से जुड़ी होनहार छात्रा भाविका सैनी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा का नाम ऊंचा किया है। वरिष्ठ पत्रकार मनबीर सैनी की पुत्री भाविका का ब्रिटेन के प्रतिष्ठित चार वर्षीय संरचित पीएचडी कार्यक्रम के लिए चयन हुआ है। खास बात यह है कि चयनित 20 शोधार्थियों के समूह में भाविका सबसे कम उम्र की शोधार्थी हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार दक्षिण एशिया, भारत और हरियाणा से इस कार्यक्रम के लिए चयनित वह एकमात्र शोधार्थी हैं।
भाविका ब्रिटेन में पीएम 2.5 और वायु प्रदूषण से जुड़े वैज्ञानिक पहलुओं पर शोध करेंगी। उनका अध्ययन वायु प्रदूषण के मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों को समझने पर केंद्रित रहेगा। पीएम 2.5 बेहद सूक्ष्म प्रदूषक कण हैं, जो सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकते हैं। ऐसे वैश्विक महत्व के विषय पर उच्चस्तरीय शोध कार्यक्रम में चयन भाविका की वैज्ञानिक रुचि और शोध क्षमता को दर्शाता है।
शोध के दौरान भाविका को ब्रिटेन की प्रतिष्ठित बर्मिंघम यूनिवर्सिटी और ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी से जुड़े विशेषज्ञ शोधकर्ताओं के मार्गदर्शन में काम करने का अवसर मिलेगा। चार वर्षीय संरचित पीएचडी कार्यक्रम के जरिए वह आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों, अंतरराष्ट्रीय शोध दृष्टिकोण और पर्यावरणीय चुनौतियों के बहुआयामी अध्ययन का अनुभव हासिल करेंगी।
भाविका शुक्रवार को बर्मिंघम पहुंच चुकी हैं और सोमवार से उनके शोध जीवन के नए अध्याय की औपचारिक शुरुआत होगी। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और रोहतक में खुशी का माहौल है।
मूल रूप से रोहतक निवासी वरिष्ठ पत्रकार मनबीर सैनी के लिए यह उपलब्धि विशेष गौरव का क्षण है। पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय मनबीर सैनी ने सामाजिक सरोकारों और महत्वपूर्ण घटनाओं को प्रमुखता से सामने रखा है। अब उनकी बेटी वैज्ञानिक शोध के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
उल्लेखनीय है कि भाविका ने इसी वर्ष जुलाई में आईआईएसईआर भोपाल से पृथ्वी एवं पर्यावरण विज्ञान में बीएस-एमएस की डिग्री हासिल की है। अध्ययन के दौरान उन्होंने पर्यावरण और पृथ्वी विज्ञान में विशेष रुचि विकसित की। राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान, गोवा में समुद्री जीवन से संबंधित अध्ययन भी उनकी शैक्षणिक यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। पृथ्वी विज्ञान, पर्यावरण और समुद्री जीवन के अध्ययन ने उनके शोध दृष्टिकोण को व्यापक आधार दिया है।

Girish Saini 

