घरेलू महिला से सफल मछली पालक बन स्वरोजगार की मिसाल पेश की

घरेलू महिला से सफल मछली पालक बन स्वरोजगार की मिसाल पेश की

रोहतक, गिरीश सैनी। महिला सशक्तिकरण और कृषि क्षेत्र में नवाचार का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए जिला के गांव आंवल निवासी (वर्तमान में दिल्ली के प्रीतमपुरा स्थित सैनिक विहार निवासी) 53 वर्षीय उषा रानी ने मछली पालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उन्होंने बिना किसी औपचारिक पृष्ठभूमि के, केवल अपने बचपन के शौक और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर आज एक समृद्ध व्यवसाय खड़ा किया है। कक्षा 10वीं तक शिक्षित उषा रानी के मछली पालन के प्रति लगाव ने उन्हें इस क्षेत्र में कदम रखने के लिए प्रेरित किया।

वर्ष 2021 में उन्होंने तहसील कलानौर स्थित आंवल रोड पर अपनी 4 एकड़ भूमि पर मछली पालन शुरू किया। उन्होंने 85,000 बीज स्टॉकिंग के साथ पंगेसियस और आईएमसी प्रजातियों पर ध्यान केंद्रित किया। मेहनत से मात्र एक वर्ष में उन्होंने 75 टन का उत्पादन किया और लगभग 11 लाख रुपए की आय अर्जित की। उनकी इस सफलता में भारत सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस योजना के तहत उन्हें 9 लाख रुपए की सब्सिडी प्राप्त हुई, जिससे उन्हें अपने कार्यों का विस्तार करने में बड़ी मदद मिली। आज वह 11 एकड़ भूमि पर मछली पालन कर रही हैं और उनकी वार्षिक आय बढक़र 12 लाख रुपए तक पहुंच गई है।