भिवानी के 28 वर्षीय ब्रेन डेड युवक के अंगों ने दिया 6 परिवारों को जीवन

पूर्व मंत्री ग्रोवर व कुलपति डॉ. अग्रवाल ने जताया परिजनों का आभार।

भिवानी के 28 वर्षीय ब्रेन डेड युवक के अंगों ने दिया 6 परिवारों को जीवन

रोहतक, गिरीश सैनी। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल भिवानी के 28 वर्षीय युवक के ब्रेन डेड होने के बाद उसके परिजनों द्वारा अंगदान के लिए हामी भरे जाने से 6 परिवारों को नया जीवन मिला है। पीजीआईएमएस, रोहतक के इतिहास में पहली बार सेना के दो अलग-अलग अस्पतालों की टीमें अंग लेने के लिए पहुंची।

पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि के कुलपति डॉ एच.के. अग्रवाल ने बताया कि ब्रेन डेड युवक को अंतिम विदाई देने के लिए पूर्व मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर सहित यूएचएस के चिकित्सक व स्टाफ सदस्य शामिल हुए। युवक के परिजनों को ढांढस बंधाते हुए पूर्व मंत्री ग्रोवर ने कहा कि ये अंगदान भी शहादत से कम नहीं है।

कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि अंगदान का ये नेक कार्य अंगदान के प्रति लोगों की सोच बदलने में कारगर साबित होगा। उन्होंने बताया कि युवक का हार्ट दिल्ली भेजा गया है। लीवर दिल्ली के आरआर हॉस्पिटल और एक किडनी आर्मी हॉस्पिटल चंडीमंदिर भेजी गई है। एक किडनी व दो कॉर्निया पीजीआईएमएस के मरीजों को लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि अंगदान की इस मुहिम में समाज के साथ-साथ अब सेना भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

ध्यान रहे कि 13 मई की शाम भिवानी-दादरी मार्ग पर हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक को पहले एक निजी अस्पताल लाया गया, जहां से उसे पीजीआईएमएस ट्रॉमा सेंटर में लाया गया। ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद सोटो हरियाणा की टीम द्वारा परिजनों की काउंसलिंग की गई। कुलपति डॉ. अग्रवाल द्वारा समझाए जाने के बाद युवक की पत्नी और पिता द्वारा अंततः अंगदान की हामी भरी गई। इसके बाद तुरंत अंगदान अलोकेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

कुलपति डॉ अग्रवाल ने बताया कि 16 मई को सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर आर्मी हॉस्पिटल रिसर्च एंड रेफरल, दिल्ली की हार्ट रिट्रीवल टीम सड़क मार्ग से ट्रॉमा सेंटर ओटी में पहुंची। वहीं, कमांड हॉस्पिटल चंडीमंदिर से कर्नल डॉ अनुराग  की टीम हेलीकॉप्टर द्वारा पहुंची। ओटी में करीब 3 घंटे तक चली प्रक्रिया में एक-एक कर अंग निकाले गए।

निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने कहा कि कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल के प्रयासों से प्रदेश में अंगदान की क्रांति आई है और पीजीआईएमएस अब अंगदान में एक बड़ा ट्रांसप्लांट सेंटर बनने की राह पर है। सोटो हरियाणा के नोडल अधिकारी डॉ. सुखबीर सिंह के नेतृत्व में ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर दीप्ति, मीडिया सलाहकार राजेश कुमार व कोऑर्डिनेटर रोहित की टीम दिन-रात काम कर रही है।

कुलसचिव डॉ. रूप सिंह ने अंगदान को मात्र मेडिकल सफलता ही नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना की जीत बताया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर मल्टीपल ऑर्गन रिट्रीवल और ट्रांसप्लांट के लिए एनेस्थीसिया, सर्जरी, माइक्रोलॉजी, पैथोलॉजी, फॉरेंसिक मेडिसिन,नर्सिंग, ब्लड बैंक, रेडियोलॉजी टीमों ने 36 घंटे बिना रुके काम किया।

इस दौरान जनसंपर्क विभाग के इंचार्ज डॉ वरुण अरोड़ा, डॉ तरुण, सोटो के नोडल अधिकारी डॉ सुखबीर सिंह, डॉ सुरेंद्र वर्मा, डॉ वरुण अग्रवाल, डॉ विवेक ठाकुर, डॉ अंकुर गोयल, डॉ गौरव, डॉ लव, डॉ पंकज, डॉ विनोद, डॉ योगेश, डॉ परमजीत गिल, दीप्ती खरब, राजेश भड़ सहित अन्य मौजूद रहे।

अंगदान मुहिम की सफलता में अहम योगदान देते हुए रोहतक पुलिस ने शनिवार को भी ग्रीन कॉरिडोर बनाया। कुलपति डॉ एच.के. अग्रवाल व अन्य अधिकारियों ने उपायुक्त सचिन गुप्ता और हरियाणा पुलिस का आभार व्यक्त किया। पुलिस अधीक्षक गौरव राजपुरोहित के मार्गदर्शन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष यादव के नेतृत्व में रोहतक पुलिस के 150 से अधिक पुलिसकर्मियों ने समय पर अस्पतालों में ऑर्गन पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। संबंधित रूट पर ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया ताकि बिना किसी व्यवधान के मानव अंग संबंधित हॉस्पिटल में पहुँच सके। इस दौरान आमजन को भी कोई असुविधा न हो, इसका भी ख्याल रखा गया।