कैंसर की दस्तक तेज, समय पर जांच से 80% मरीज हो सकते हैं ठीक
पीजीआईएमएस में अमेरिकी विशेषज्ञ का व्याख्यान, इम्यूनोथेरेपी और टारगेटेड इलाज को बताया गेमचेंजर
रोहतक, गिरीश सैनी। भारत में कैंसर का बढ़ता बोझ अब बड़ी जन स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। यदि बीमारी की पहचान पहली या दूसरी स्टेज में हो जाए तो 80 प्रतिशत से अधिक मामलों में मरीज को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। यह बात अमेरिका के मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट एवं हेमेटोलॉजिस्ट डॉ. पंकज कुमार ने बुधवार को पीजीआईएमएस, रोहतक में आयोजित विशेष शैक्षणिक व्याख्यान में कही।
इस कार्यक्रम में कैंसर की बढ़ती चुनौती और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर चर्चा हुई। डीन डॉ. अशोक चौहान मुख्य अतिथि रहे, जबकि मंच संचालन कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. वरुण अरोड़ा ने किया।
डॉ. पंकज कुमार, जो अमेरिका के कार्ले इलिनोइस कॉलेज ऑफ मेडिसिन, यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस एट अर्बाना-शैम्पेन से जुड़े हैं, ने बताया कि भारत में ब्रेस्ट, मुंह, सर्वाइकल, फेफड़ों और कोलोरेक्टल कैंसर के मामले प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। महिलाओं में ब्रेस्ट व सर्वाइकल तथा पुरुषों में मुंह और फेफड़ों का कैंसर अधिक देखा जा रहा है। तंबाकू सेवन, अनियमित जीवनशैली और जागरूकता की कमी को उन्होंने प्रमुख कारण बताया।
उन्होंने कैंसर से बचाव और समय पर पहचान के लिए नियमित स्क्रीनिंग, सेल्फ ब्रेस्ट एग्जामिनेशन, ओरल चेकअप, एचपीवी वैक्सीनेशन और पैप स्मीयर टेस्ट को जरूरी बताया। डॉ. कुमार ने कहा कि कैंसर उपचार में भी तेजी से बदलाव आया है। कीमोथेरेपी और रेडिएशन के साथ इम्यूनोथेरेपी, टारगेटेड थेरेपी और जीन आधारित उपचार ने एडवांस स्टेज के मरीजों के इलाज के परिणाम बेहतर किए हैं।
डीन डॉ. अशोक चौहान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ संवाद से फैकल्टी और विद्यार्थियों का ज्ञान बढ़ेगा, जिसका लाभ मरीजों को भी मिलेगा। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ प्रोफेसर और बड़ी संख्या में पीजी छात्र मौजूद रहे।

Girish Saini 

