हरियाणा पुलिस के आधुनिकीकरण पर खर्च होंगे 980 करोड़, प्रशिक्षण और तकनीक पर जोरः डॉ. चौहान

पुलिस अकादमी मधुबन पहुंचे प्रशिक्षु अधिकारी, गांव भादसों में देखी ग्रामीण विकास की तस्वीर।

हरियाणा पुलिस के आधुनिकीकरण पर खर्च होंगे 980 करोड़, प्रशिक्षण और तकनीक पर जोरः डॉ. चौहान

नीलोखेड़ी/करनाल, गिरीश सैनी। हरियाणा पुलिस के आधुनिकीकरण पर अगले दो वर्षों में 980 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक, अनुशासन और अत्याधुनिक संसाधनों के जरिए पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। यह जानकारी हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने हरियाणा पुलिस अकादमी मधुबन के राधाकृष्णन सभागार में केंद्रीय सचिवालय के प्रशिक्षु सहायक अनुभाग अधिकारियों को संबोधित करते हुए दी।

प्रशिक्षु अधिकारी पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत हरियाणा आए हुए हैं। प्रशिक्षण का आयोजन हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान और सचिवालय प्रशिक्षण एवं प्रबंधन संस्थान, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।

डॉ. चौहान ने कहा कि सरकारी योजनाओं और नीतियों को समझने के लिए अधिकारियों का धरातल से जुड़ना जरूरी है। कार्यालय में बैठकर योजनाओं के प्रावधान समझे जा सकते हैं, लेकिन उनके वास्तविक प्रभाव, स्थानीय चुनौतियों और लोगों की भागीदारी की जानकारी मौके पर जाकर ही मिलती है। इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण में एक्सपोजर विजिट को शामिल किया गया है।

प्रशिक्षणार्थियों ने हरियाणा पुलिस अकादमी मधुबन का भ्रमण कर पुलिस प्रशिक्षण की विभिन्न प्रक्रियाओं, आउटडोर प्रशिक्षण और आधुनिक पुलिसिंग की कार्यप्रणाली को समझा। डॉ. चौहान ने कहा कि ऐसे भ्रमण से अधिकारियों को नेतृत्व, अनुशासन, विभागीय समन्वय और संस्थागत कार्यप्रणाली की व्यावहारिक समझ मिलती है।

कार्यक्रम समन्वयक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि प्रशिक्षु अधिकारियों को भादसों गांव का भी भ्रमण कराया गया। यहां उन्होंने ग्राम सचिवालय, पार्क, तीन तालाब प्रणाली, ग्राम सभा और श्मशान घाट का अवलोकन किया। ग्रामीणों एवं संबंधित अधिकारियों से संवाद कर ग्राम सभा की भूमिका, ग्राम सचिवालय की कार्यप्रणाली और जल संरक्षण व्यवस्था की जानकारी ली।

निदेशक डॉ. चौहान ने कहा कि ऐसे व्यावहारिक अनुभव अधिकारियों में कार्यकुशलता के साथ संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और जनहित की भावना को मजबूत करते हैं। प्रशिक्षणार्थियों को भविष्य की प्रशासनिक जिम्मेदारियों में इन अनुभवों का लाभ उठाना चाहिए। इस दौरान

पुलिस अकादमी मधुबन के इंस्पेक्टर राजबीर सिंह, इंस्पेक्टर नरेश, सब-इंस्पेक्टर मुकेश सहित संस्थान के अधिकारी और अन्य प्रतिभागी मौजूद रहे।