जलियांवाला बाग के शहीदों का बलिदान देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोतः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान
भारतीय संस्कृति का रक्षक है खालसा पंथ।
नीलोखेड़ी, गिरीश सैनी। 13 अप्रैल 1919 का जलियांवाला बाग हत्याकांड भारतीय इतिहास का एक अत्यंत दुखद और अमिट अध्याय है। उस दिन निहत्थे और निर्दोष लोगों पर बरसाई गई गोलियों की गूंज आज भी हमारे दिलों को झकझोर देती है और हमें याद दिलाती है कि आजादी की कीमत कितनी भारी रही है। ये टिप्पणी हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने संस्थान के कार्यक्रम राम-राम हरियाणा में प्रतिभागियों से विमर्श के दौरान की। इस दौरान उस दर्दनाक मंजर को याद किया गया, जब निर्दोष लोगों पर गोलियां चलाई गईं, चीख-पुकार से पूरा जलियांवाला बाग गूंज उठा और बैसाखी का दिन इतिहास में खूनी बैसाखी के रूप में दर्ज हो गया।
डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि जलियांवाला बाग की खूनी दास्तान ने पूरे देश में आजादी की ज्वाला को और प्रज्वलित किया और हर भारतीय को अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जलियांवाला बाग के शहीदों का बलिदान सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उनका त्याग हमें यह सिखाता है कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए हमें हमेशा सजग और समर्पित रहना चाहिए।
अन्य वक्ताओं ने भी जलियांवाला बाग के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान देश की आजादी की नींव बना और उनकी शहादत हमेशा देशवासियों को प्रेरित करती रहेगी।
डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि आज के दिन दशमेश पिता गुरु गोबिंद सिंह जी ने श्री आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना कर समाज को एक नई दिशा प्रदान की थी। खालसा सजाने का यह ऐतिहासिक क्षण साहस, त्याग और धर्म की रक्षा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमें गुरु गोबिंद सिंह जी के अद्भुत व्यक्तित्व और खालसा के दिव्य विचारों को नमन करते हुए भारतीय संस्कृति और पंथ के प्रति उनके अतुलनीय योगदान के लिए सदैव कृतज्ञ रहना चाहिए तथा उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में एकता, साहस और सेवा की भावना को मजबूत करना चाहिए।
कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को इतिहास से सीख लेकर देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया। इस दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान से वरिष्ठ सलाहकार गुरबिंदर सिंह, गोरखपुर (फतेहाबाद) से सरपंच डॉ मंदीप, अपना रेडियो 91.2 एफएम चरखी दादरी से प्रीतम यादव, रेडियो वितस्ता 90 एफएम अंबाला से भारत सोपोरी सहित अन्य गणमान्य जन मौजूद रहे।

Girish Saini 

