'दिल तो पागल है' की पॉपुलर ट्यून 'तु रू रू तू तू' को किया गया था रिजेक्ट, ऐसे हुई हिट

एक दिनयश चोपड़ा जी के बेटेउदय चोपड़ा स्टूडियो आए और उन्होंने यह धुनसनी. उन्होंने कहापापा यह बहुतअच्छी ट्यून है. बेटे ने कहापापा ने मानलिया. सब लोगों ने मिलकर उस ट्यून पर बोललिखने शुरू किए. यश चोपड़ा, उनकीपत्नी, बेटा उदय, उत्तम जी सब मिलकर बोल उस धुनमें डालने की कोशिश कर रहेथे.  

'दिल तो पागल है' की पॉपुलर ट्यून 'तु रू रू तू तू' को किया गया था रिजेक्ट, ऐसे हुई हिट
Yunus Khan at Sahitya Aajtak.

एक दिनयश चोपड़ा जी के बेटे उदय चोपड़ा स्टूडियो आए और उन्होंने यह धुनसनी. उन्होंने कहापापा यह बहुतअच्छी ट्यून है. बेटे ने कहापापा ने मानलिया. सब लोगों ने मिलकर उस ट्यून पर बोललिखने शुरू किए. यश चोपड़ा, उनकीपत्नी, बेटा उदय, उत्तम जी सब मिलकर बोल उस धुनमें डालने की कोशिश कर रहेथे.  

 

'साहित्य आजतक 2022' मेंयुनूस खान आए. यह पेशे से मशहूर आरजे और लेखकहैं. इन्होंने 80-90 के दशकके अपने जमाने के मशहूर गीतकारों को लेकरकिस्से सुनाए. किस्से इतने मजेदार थे कि व हांबैठी जनता ने उनकाएपिसोड काफी एन्जॉय किया. युनूस कान ने बताया कि आखिरकैसे 'दिल तो पागलहै' की पॉपुलर ट्यून 'तू रू रू तू तू' बनी.   

 

युनूस खान ने सुनाया मजेदार किस्सा  

"उत्तम सिंह मशहूर म्यूजिक डायरेक्टर हैं. वह यश चोपड़ा की एक फिल्म के लिएसाइन किए गए. 'दिल तो पागलहै' के लिएउन्होंने धुनें बनानी शुरू कीं.  उत्तम सिंहने मुझे हालही में किस्सा बताया कि एक धुनऐसी थी कि उसेसब रिजेक्ट कर देतेथे. पर हर सीटिंग में उत्तम जी बैठते थे और सभीको आखिर मेंवही धुन रोजसुनाते थे. तो स्टूडियो में बैठेप्रोड्यूसर्स, परिवार के लोगऔर टीम के लोगरोज यही बातकहते थे कि वापसवही धुन? इस तरहसे कई महीनों तक उत्तम जी वह ट्यून सुनाते रहेऔर रिजेक्ट होतीरही. ट्यून थी 'तू रू रू तू तू' जो आज 'दिलतो पागल है' फिल्म की मोस्ट पॉपुलर धुन धुनहै."   

 

एक दिनयश चोपड़ा जी के बेटेउदय चोपड़ा स्टूडियो आए और उन्होंने यह धुनसनी. उन्होंने कहापापा यह बहुतअच्छी ट्यून है. बेटे ने कहापापा ने मानलिया. सब लोगों ने मिलकर उस ट्यून पर बोललिखने शुरू किए. यश चोपड़ा, उनकीपत्नी, बेटा उदय, उत्तम जी सब मिलकर बोल उस धुनमें डालने की कोशिश कर रहेथे. आखिर मेंबख्शी साहब को बुलाया गया. बख्शी साहब ने कहाकि मैं इसपरगाना नहीं लिखूंगा. ये बहुतबेकार की ट्यून है.   

 

"उत्तम जी नाराज हो गए. लेकिन शायद किस्मत को कुछऔर मंजूर था. एक महीने बादबख्शी साहब ने उत्तम जी से कहाकि वह क्याधुन सुनाई थी तुमने? तब बख्शी साहब  ने उस धुनपर बोल लिखे. यह गाना फिल्म के सबसेहिट गानों मेंरहा. किसी को नहींपता था कि आखिरयह धुन इतनीहिट हो जाएगी."   

 

जब दोस्त की पीठ से आरडी बर्मन ने निकाला संगीत, दिलचस्प है किस्सा 

 

60 के दशकमें बेटे आरडीबर्मन (राहुल देवबरमन) ने एक गानाबनाया, नाम था 'रहें न रहेंहम महका करेंगे'. इस गानेको 'ठंडी हवाएं' का ट्यून दिया गया. यह गाना बनाया था आरडीबर्मन साहब ने. बेटे ने पिताके इस गानेकी ट्यून पर अलग-अलग 5-6 गाने बनाएं.   

 

'साहित्य आजतक 2022' की 18 नवंबर को शुरुआत हो चुकीहै. पहले दिनकुतले खान ने अपनेलोकगीतों से समाबांधा और असीसकौर ने अपनीरॉकिंग ट्यून से इसेखत्म किया. अब शनिवार को दूसरे दिन की शुरुआत हंस राजहंस के सुरीले गीतों के साथहुई. सिर्फ इतनाही नहीं, उन्होंने गायक जगजीत सिंह को भी इस दौरान याद किया. अब गानों की बातहो ही रहीहै तो इसकेजुड़े कुछ दिलचस्प किस्सों को भी यादकर लेते हैं.   

 

आरडी बर्मन से जुड़ा दिलचस्प है किस्सा  

आरजेऔर लेखक युनूस खान ने अपनेजमाने के जाने-मानेगीतकार एसडी बरमनऔर आरडी बर्मन को यादकिया. युनूस खानने बताया कि साल 1951 में एक फिल्म आई थी 'नौजवा '. यह वह दौरथा जब एसडीबरमन (सचिन देवबरमन) फिल्मी दुनिया में अपनेकदम जमा रहेथे. यह वह दौरभी था जब लतामंगेश्कर अपने रास्ते पर धीमे-धीमेआगे बढ़ रहीथीं. फिल्म 'नौजवान' इसलिए भी स्पेशल थी, क्योंकि आरडी बर्मन की