ग्रामीण विकास और ग्राम स्वराज की दिशा में ऐतिहासिक कदम है बजटः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान
प्राकृतिक खेती, अमृत सरोवर, ओडीएफ प्लस और कौशल प्रशिक्षण से सशक्त होंगे गांव।
नीलोखेड़ी, गिरीश सैनी। हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाला बजट बताया। उन्होंने कहा कि ये बजट केवल विकासोन्मुखी ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ग्राम स्वराज के सपने को साकार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
डॉ. चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू कर रही है। प्राकृतिक और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए ग्राम पंचायतों की भूमि का एक निश्चित हिस्सा इसके लिए सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ कृषि प्रणाली को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि पिछले बजट में 2,200 अमृत सरोवर बनाने की घोषणा की गई थी। इसके तहत अब तक 724 तालाबों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 986 तालाबों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। शेष तालाबों का निर्माण कार्य अगले वर्ष में पूरा किया जाएगा, जिससे जल संरक्षण और ग्रामीण पर्यावरण को मजबूत आधार मिलेगा।
डॉ. चौहान ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2 अक्टूबर 2026 तक प्रदेश के सभी गांवों को ओडीएफ प्लस मॉडल गांव में परिवर्तित करना है। इससे स्वच्छता अभियान को नई गति मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य व स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित होगा। उन्होंने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के अंतर्गत 20,000 से अधिक ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ने का प्रस्ताव है,जिससे ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि अटल सुशासन दिवस के अवसर पर प्रदेश में 1000 नए अटल पुस्तकालयों का लोकार्पण किया जाएगा, जिससे गांवों में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को अध्ययन के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने के लिए शामलात भूमि में से 500 वर्ग गज तक भूमि डेयरी इकाइयों की स्थापना के लिए लीज पर देने का प्रावधान किया गया है।
डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्वयं सरपंचों और जनप्रतिनिधियों के सुझावों को बजट में शामिल कर सिद्ध किया है कि वर्तमान सरकार जन-भागीदारी में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान इन बजट घोषणाओं को धरातल पर उतारने के लिए प्रदेशभर के जनप्रतिनिधियों और सचिवों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Girish Saini 

