शिमला फिल्म फेस्टिवल में दिखेगी सुपवा की -ईंट की ड्योढ़ी , शॉर्ट फिक्शन श्रेणी में चयन

25 सितंबर से शुरू होगा 12वां इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ शिमला।

शिमला फिल्म फेस्टिवल में दिखेगी सुपवा की -ईंट की ड्योढ़ी , शॉर्ट फिक्शन श्रेणी में चयन

रोहतक, गिरीश सैनी। दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा) द्वारा प्रोड्यूस शॉर्ट फिल्म ‘ईंट की ड्योढ़ी’ का चयन 12वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ शिमला के लिए हुआ है। 25 से 27 सितंबर तक आयोजित होने वाले फिल्म फेस्टिवल में 35 देशों की फिल्मों के साथ सुपवा की इस फिल्म की भी स्क्रीनिंग होगी। फिल्म को शॉर्ट फिक्शन श्रेणी में चुना गया है।

फिल्म एवं टेलीविजन फैकल्टी के एफसी महेश टीपी ने बताया कि 9 मिनट 17 सेकंड की इस फिल्म का लेखन और निर्देशन डायरेक्शन कोर्स की 2020 बैच की छात्रा वैष्णवी श्रीवास्तव ने किया है। फिल्म छठे सेमेस्टर के सीक्वेंस शूट प्रोजेक्ट के तहत तैयार की गई। फिल्म का छायांकन एनॉश एलियास, लोकेशन, मिक्सिंग व डिजाइन अंशुल रोहिल्ला, म्यूजिक प्रोडक्शन संजय फिलिप्स, गायन श्रद्धा श्रीवास्तव और एडिटिंग यश चोपड़ा ने की है।

कुलपति डॉ. अमित आर्य ने फिल्म के चयन को सुपवा परिवार के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में छात्रों की फिल्म का पहुंचना यहां उपलब्ध विश्वस्तरीय संसाधनों और विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने फिल्म के कलाकारों और क्रू की मेहनत की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि ‘ईंट की ड्योढ़ी’ ज्यूरी का ध्यान आकर्षित कर पुरस्कार हासिल करेगी।

फिल्म की कहानी वृद्ध दंपति लता और प्रबल के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने पुराने पुश्तैनी घर को बेचने और अंतिम कागजात पर हस्ताक्षर करने के लिए ब्रह्मपुरी लौटते हैं। इसी दौरान रक्का बिक्री के दस्तावेज लेकर पहुंचता है। पुराने घर की आखिरी सैर के दौरान दंपति के बीच वर्षों से पनपी खामोश दूरी और रिश्तों पर समय व परिस्थितियों के प्रभाव की कहानी सामने आती है।