सेवा भावना के साथ आपात स्थितियों से निपटने की क्षमता भी विकसित करें विद्यार्थीः कुलसचिव प्रो. बंसल
सीपीआर प्रशिक्षण में एमडीयू के 170 विद्यार्थी हुए दक्ष, जीवनरक्षक तरीके सीखे।
रोहतक, गिरीश सैनी। कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय में चिकित्सकीय सहायता पहुंचने तक दी गई सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) जीवन बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है। इसी उद्देश्य से एमडीयू में शुक्रवार को सीपीआर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें करीब 170 विद्यार्थियों ने व्यावहारिक प्रशिक्षण लिया। कार्यक्रम का आयोजन होली हार्ट अस्पताल, छात्र कल्याण कार्यालय, यूथ रेड क्रॉस, यूआईएचएमएस, यूनिवर्सिटी आउटरीच और जनसंपर्क कार्यालय के सहयोग से किया गया।
कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि विद्यार्थियों में सेवा भावना के साथ आपात स्थितियों से निपटने की क्षमता भी विकसित होनी चाहिए। सीपीआर जैसी प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी जरूरत के समय किसी की जान बचाने में उपयोगी साबित हो सकती है।
होली हार्ट अस्पताल की निदेशिका डॉ. मयंका बत्रा ने कहा कि बदलती जीवनशैली के बीच हृदय संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। घर, कार्यालय, जिम, खेल मैदान या सार्वजनिक स्थल पर अचानक कार्डियक अरेस्ट होने की स्थिति में एंबुलेंस या चिकित्सकीय सहायता पहुंचने तक सीपीआर देना महत्वपूर्ण हो सकता है।
कार्यक्रम की शुरुआत निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आदित्य बत्रा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए विद्यार्थियों से सीपीआर प्रशिक्षण लेकर स्वास्थ्य स्वयंसेवक बनने का आह्वान किया।
होली हार्ट अस्पताल के मुख्य प्रशिक्षक राजबीर सिंह ने विद्यार्थियों को सीपीआर की व्यावहारिक तकनीकें सिखाई। राहुल और अरुण मलिक ने सहयोग किया। कार्यक्रम में यूआईएचएमएस निदेशक प्रो. मुनीष गर्ग, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. सपना गर्ग, प्रो. मधु आनंद, प्रो. सर्वदीप कोहली, प्रो. राजकुमार, प्रो. हरीश कुमार, प्रो. सुरेंद्र यादव, प्रो. दीप्ति हुड्डा, सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे। यूआरसी वालंटियर्स के साथ यूआईएचएमएस, मनोविज्ञान, पत्रकारिता एवं जनसंचार और यूआईईटी समेत विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण में भाग लिया।

Girish Saini 

