सामाजिक अंकेक्षण से मजबूत होगा सुशासन, बढ़ेगी जनता की भागीदारीः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान
कहा, योजनाओं का लाभ पात्रों तक पहुंचाना और गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी।
करनाल, गिरीश सैनी। हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा है कि ग्रामीण विकास योजनाओं को पारदर्शी और प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सामाजिक अंकेक्षण को मजबूत करना जरूरी है। इससे विकास कार्यों की जमीनी हकीकत सामने आने के साथ योजनाओं में जनभागीदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होती है।
वे जिला परिषद, करनाल में सामाजिक अंकेक्षण विषय पर आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे। डॉ. चौहान ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। संस्थान के संसाधन व्यक्ति संजीव कुमार और खंड संसाधन व्यक्ति सुषमा ने उनका स्वागत किया।
डॉ. चौहान ने कहा कि सामाजिक अंकेक्षण ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता और जनविश्वास बनाए रखने का प्रभावी माध्यम है। इसके जरिए योजनाओं के तहत हुए कार्यों, संबंधित अभिलेखों, लाभार्थियों और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जा सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण में सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रियाओं और व्यावहारिक पहलुओं को गंभीरता से समझने तथा अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल बजट जारी होने और कार्य पूरा होने से तय नहीं होती। यह भी जरूरी है कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंचे और विकास कार्यों की गुणवत्ता बनी रहे। सामाजिक अंकेक्षण आमजन को योजनाओं की निगरानी से जोड़ने में अहम भूमिका निभाता है।
संसाधन व्यक्ति संजीव कुमार ने सामाजिक अंकेक्षण की उपयोगिता बताते हुए कहा कि इससे कमियों की पहचान और जवाबदेही तय करने में मदद मिलती है। खंड संसाधन व्यक्ति सुषमा ने अभिलेखों की जांच, विकास कार्यों के सत्यापन और लाभार्थियों की भागीदारी सहित विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम में पूजा, गीता, रजनीला, प्रियंका सहित अन्य प्रतिभागी मौजूद रहे। इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण में सामाजिक अंकेक्षण की अवधारणा, उद्देश्य, प्रक्रिया और ग्रामीण विकास योजनाओं में इसकी भूमिका के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

Girish Saini 

