महिला पुलिस थाना में रूफटॉप सोलर पावर सिस्टम स्थापित
सालाना 30,000 से अधिक यूनिट बिजली उत्पन्न करने की क्षमता।
रोहतक, गिरीश सैनी। महिला पुलिस थाना, रोहतक ने नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए एसएमएफजी गृहशक्ति (एसएमएफजी इंडिया होम फाइनेंस कंपनी लिमिटेड) द्वारा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के अंतर्गत सोलर पावर सिस्टम स्थापित किया गया। इस प्रोजेक्ट को नवज्योति इंडिया फाउंडेशन द्वारा लागू किया गया है। इस दौरान उप पुलिस अधीक्षक (शहर) गुलाब सिंह, विश्वास श्रृंगारपुरे (चीफ बिजनेस ऑफिसर, एसएमएफजी) तथा अमोल भालेराव (हेड सीएसआर एसएमएफजी) ने सोलर सिस्टम की उद्घाटन पट्टिका का अनावरण किया और सोलर इन्वर्टर को औपचारिक रूप से शुरू किया। महिला पुलिस थाना प्रभारी, निरीक्षक मीना को हैंडओवर प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।
नवज्योति इंडिया फाउंडेशन की समन्वयक निदेशक डॉ. चांदनी बेदी ने बताया कि ये रूफटॉप सोलर सिस्टम हर साल 30,000 से अधिक यूनिट बिजली उत्पन्न करने में सक्षम है। इससे अगले 25 वर्षों में 500 मीट्रिक टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन कम होगा और हर वर्ष लगभग 2,30,000 रुपये से अधिक की बिजली की बचत होगी, जिससे पारंपरिक बिजली ग्रिड पर निर्भरता कम होगी। नेट मीटरिंग की सुविधा के साथ ये प्रणाली लंबे समय में बिजली के बिल को 100% तक कम करने की क्षमता रखती है, जो बिजली के उपयोग और मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा।
इस दौरान डीएसपी गुलाब सिंह की अध्यक्षता में आयोजित स्टेकहोल्डर चर्चा में स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में हो रहे प्रयासों पर चर्चा की गई। उन्होंने इस स्थापना को पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय और दूरदर्शी पहल बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास कार्बन उत्सर्जन को कम करने और स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित करते है। विश्वास श्रृंगारपुरे ने कॉर्पोरेट संस्थाओं की भूमिका को सार्वजनिक संस्थानों को मजबूत करने और महिलाओं को सशक्त बनाने वाली पहलों का समर्थन करने में महत्वपूर्ण बताया। अमोल भालेराव ने कहा कि बताया कि एसएमएफजी सीएसआर पहल के तहत पर्यावरण संरक्षण और स्थिरता को बढ़ावा देने वाली पहलों को आगे भी समर्थन देता रहेगा। हरियाणा हाउसिंग पुलिस कॉर्पोरेशन के सब-डिविजनल ऑफिसर (इलेक्ट्रिकल) देवेंद्र सिंह ने महिला पुलिस स्टेशन परिसर में लगाए गए सोलर सिस्टम के रखरखाव संबंधी दिशा-निर्देश साझा किए।

Girish Saini 

