टीबी उन्मूलन के लिए पंचायतों की भूमिका अहमः अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार
एडीसी ने निक्षय मित्र बनकर मरीजों को पोषण सहयोग देने का आह्वान किया।
रोहतक, गिरीश सैनी। अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे निक्षय मित्र बनकर टीबी रोग के पीड़ितों का सहारा बनें तथा उन्हें मानसिक एवं सामाजिक सहयोग प्रदान करें। वे टीबी मुक्त पंचायत अभियान सम्मान समारोह में उल्लेखनीय कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों को सम्मानित करने के बाद उन्हें संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में वर्ष 2025-26 के लिए जिला की क्रमश: 11-11 ग्राम पंचायतों को रजत व कांस्य अवार्ड तथा तीन ग्राम पंचायतों को स्वर्ण अवार्ड से सम्मानित किया गया। अतिरिक्त उपायुक्त ने वर्ष 2025-26 के लिए चयनित 25 ग्राम पंचायतों के सरपंचों एवं जिला विकास एवं पंचायत विभाग के संबंधित कर्मचारियों को गांधी प्रतिमाएं एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
अवार्ड प्राप्त करने वाली पंचायतों को बधाई देते हुए अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान में इन ग्राम पंचायतों ने सराहनीय भूमिका निभाई है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य टीबी उन्मूलन के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को चिन्हित कर उन्हें प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि यद्यपि टीबी एक गंभीर बीमारी है, लेकिन इसका पूर्ण उपचार संभव है।
एडीसी नरेंद्र कुमार ने कहा कि टीबी उन्मूलन एक सामूहिक प्रयास है, जिसमें पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी सरपंचों, पंचों एवं जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे टीबी रोग की समय पर पहचान, उपचार एवं जागरूकता के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने निक्षय मित्र अभियान के तहत टीबी मरीजों को पोषण किट उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया, ताकि मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने में सहायता मिल सके।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि जिन ग्राम पंचायत को कांस्य अवार्ड से सम्मानित किया गया है, उन्हें अगले वर्ष रजत अवार्ड के लिए प्रयास करना चाहिए। इसी प्रकार से रजत अवार्ड प्राप्त करने वाली ग्राम पंचायतों को स्वर्ण अवार्ड के लिए मेहनत करनी चाहिए। साथ ही, स्वर्ण अवार्ड प्राप्त करने वाले ग्राम पंचायतों को अपनी यथा स्थिति को बनाए रखना होगा।
सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र आर्य ने टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि सरकार द्वारा टीबी मरीजों के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) सहित विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने मुख्य अतिथि एवं उपस्थित गणमान्य जन का आभार व्यक्त किया। इस दौरान डीडीपीओ राजपाल चहल, कार्यक्रम संयोजक उप सिविल सर्जन (टीबी) डॉ. विकास, डॉ. मोनू सिंह, डॉ. निकिता, डीपीसी जयंत सांगवान, पीपीएम जसविंदर नांदल सहित सभी एसटीएस एवं टीबी अस्पताल के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
ग्राम पंचायत घुसकानी, जैतपुर व मसूदपुर को स्वर्ण, भैणी भैरों, ससरोली, बेडवा, कटवाड़ा, घिलौड़ खुर्द, भैंसरू कलां, भैंसरू खुर्द, अटायल, गढ़ी, माडौधी जाटान व ककराना को रजत, निदाना, समरगोपालपुर खुर्द, जिंदरान, नांदल, सैमाण द्वितीय, खरक जाटान, गुगाहेड़ी, नसीरपुर, नोनंद, कारौर व भाली आनंदपुर को कांस्य अवार्ड से सम्मानित किया गया।

Girish Saini 

