डिजिटल एवं निवारक स्वास्थ्य सेवाओं में मॉडल जिला बनकर उभरा रोहतकः उपायुक्त सचिन गुप्ता

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित।

डिजिटल एवं निवारक स्वास्थ्य सेवाओं में मॉडल जिला बनकर उभरा रोहतकः उपायुक्त सचिन गुप्ता

रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा है कि रोहतक जिला डिजिटल एवं निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में निरंतर प्रगति करते हुए एक मॉडल जिला के रूप में उभर रहा है। उपचार-केंद्रित व्यवस्था से आगे बढ़ते हुए अब जिला में स्वास्थ्य आश्वासन की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिससे प्रत्येक नागरिक को गरिमा, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें। ई-हेल्थ रोहतक और निरोगी रोहतक जैसी पहलें इसी जन-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती हैं।

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत एवं अन्य प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को समयबद्ध क्रियान्वयन एवं जिला में स्वास्थ्य परिणामों में मापनीय सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) आईडी के सृजन एवं लिंकिंग की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए तथा डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुदृढ़ करने के लिए मरीजों का पंजीकरण आभा आईडी के माध्यम से सुनिश्चित करने पर बल दिया। इसके साथ ही उन्होंने सभी गर्भवती महिलाओं की सख्त निगरानी, अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर कड़ी निगरानी तथा गर्भवती महिलाओं और बच्चों के 100 प्रतिशत टीकाकरण लक्ष्य को प्राप्त करने के निर्देश भी दिए।

उपायुक्त ने कहा कि प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों की निगरानी एवं परिणाम-आधारित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक माह 360-डिग्री स्वास्थ्य समीक्षा की जाएगी। उन्होंने योग शिविरों, पार्कों और सामुदायिक स्थलों पर वरिष्ठ नागरिकों, पूर्व सैनिकों तथा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों के सदस्यों के लिए व्यापक स्वास्थ्य जांच करने के निर्देश भी दिए। टीकाकरण सेवाओं की समीक्षा करते हुए बताया कि यू-विन पोर्टल एवं क्यूआर कोड युक्त ई-कार्ड के माध्यम से रियल-टाइम ट्रैकिंग की जा रही है तथा आगामी टीकों के लिए अभिभावकों को एसएमएस अलर्ट भेजे जा रहे हैं।

उपायुक्त ने निवारक स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरोगी रोहतक के तहत लक्षित स्क्रीनिंग शीघ्र पूर्ण करने तथा चिन्हित गैर-संचारी रोग (एनसीडी) मरीजों को उपचार एवं फॉलो-अप से शीघ्र जोडऩे के निर्देश दिए। उन्होंने टीबी मुक्त अभियान के तहत जांच एवं उपचार को और सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया। उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य वाहिनी मोबाइल डायग्नोस्टिक वैन के माध्यम से स्तन कैंसर स्क्रीनिंग को व्यापक स्तर पर बढ़ाया जा रहा है, जिसका लक्ष्य मार्च 2026 तक पूरे जिले को कवर करना है, साथ ही चिन्हित मरीजों के लिए उपचार सहायता भी सुनिश्चित की जा रही है। मानसिक स्वास्थ्य के संबंध में मन सारथी कार्यक्रम के तहत स्कूलों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में वेलनेस कॉर्नर स्थापित किए गए हैं। जिला मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन (8295474838) प्रात: 9 बजे से अपराह्न 3 बजे तक गोपनीयता के साथ कार्यरत है।

उपायुक्त ने कहा कि क्लीन हॉस्पिटल–ग्रीन हॉस्पिटल मिशन के अंतर्गत जिला की सभी 35 स्वास्थ्य संस्थानों में बारकोड ट्रैकिंग के साथ अधिकृत बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन लागू किया गया है। सीएचसी महम, सीएचसी सांपला एवं पीएचसी कलानौर में सोलर ऊर्जा प्रणाली एवं औषधीय उद्यान स्थापित किए गए हैं।

बैठक में सिविल सर्जन डॉ.रमेश चन्द्र, डॉ. दिनेश गर्ग, डॉ. विकास, डॉ. प्रीतेव सिंह, डॉ. विवेक कुमार, डॉ. सुशील गोदारा, डॉ. सुशीला गोदारा, डॉ. विनीता, डॉ. डिम्पल, डॉ. शिवम, डॉ. श्रेया व मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी तनुमय दत्ता, जिला परिवार कल्याण शिक्षा अधिकारी सुरेश भारद्वाज, जयंत सांगवान सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।