जीआई कैंसर की सर्जरी में रोबोटिक तकनीक से बढ़ी सटीकता, मरीजों को जल्द रिकवरी की उम्मीद

जीआई कैंसर की सर्जरी में रोबोटिक तकनीक से बढ़ी सटीकता, मरीजों को जल्द रिकवरी की उम्मीद

रोहतक, गिरीश सैनी। पाचन तंत्र के कैंसर यानी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (जीआई) कैंसर के इलाज में रोबोटिक सर्जरी नई उम्मीद बनकर सामने आई है। भोजन नली, पेट, लिवर, पित्ताशय, अग्न्याशय, बड़ी आंत और मलाशय के कैंसर में जरूरत के अनुसार इस आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, चुनिंदा मरीजों में इससे सर्जरी अधिक सटीक और कम तकलीफ वाली हो सकती है।

सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी में सर्जन को शरीर के अंदर का बड़ा और स्पष्ट 3डी दृश्य मिलता है। लचीले उपकरणों से शरीर के कठिन हिस्सों तक पहुंचकर सटीक सर्जरी संभव होती है।

उन्होंने बताया कि छोटे चीरे होने से रक्तस्राव और ऑपरेशन के बाद दर्द कम हो सकता है और मरीज की रिकवरी भी तेज हो सकती है। रेक्टल कैंसर के कुछ मामलों में ट्यूमर हटाने के साथ जरूरी नसों व अंगों को बचाने और स्थायी स्टोमा से बचने की संभावना रहती है।

डॉ. संजीव के अनुसार निगलने में दिक्कत, अचानक वजन घटना, लगातार पेट दर्द, मल में खून या मल त्याग की आदत बदलने पर तुरंत जांच करानी चाहिए। रोबोटिक सर्जरी हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होती; कैंसर की स्टेज, ट्यूमर की जगह और मरीज की स्थिति के आधार पर फैसला लिया जाता है।