धर्म पूजा नहीं, जीवन को धारण करने वाली दृष्टिः डॉ. रवि
रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के भारतीय ज्ञान प्रणाली केंद्र के उपनिदेशक एवं संस्कृत विभाग के प्राध्यापक डॉ. रवि प्रभात ने कहा कि भारतीय परंपरा में धर्म केवल पूजा-पद्धति या संप्रदाय नहीं, बल्कि व्यक्ति, समाज और सृष्टि को धारण करने वाली जीवन-दृष्टि है। उन्होंने लखनऊ विवि के शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र के फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में भारतीय ज्ञान परम्परा में धर्म-बोध विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने धर्म को कर्तव्य, नैतिकता, आत्मानुशासन, लोक कल्याण और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान और कौशल नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में मूल्य-बोध और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करना भी होना चाहिए।

Girish Saini 

