मेडिकल शिक्षा में मॉडल बनकर उभरा है रीजनल सेंटर फॉर फैकल्टी डेवलपमेंटः वीसी डॉ. अग्रवाल

मेडिकल शिक्षा में मॉडल बनकर उभरा है रीजनल सेंटर फॉर फैकल्टी डेवलपमेंटः वीसी डॉ. अग्रवाल

रोहतक, गिरीश सैनी। पीजीआईएमएस में रीजनल सेंटर फॉर फैकल्टी डेवलपमेंट की स्थापना के चार वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि, पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि के कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने शिरकत की। विशिष्ट अतिथि के तौर पर निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल, डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. एम.जी. वशिष्ठ, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल मौजूद रहे।

कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि इस सेंटर ने न केवल अपने उद्देश्यों को पूरा किया है, बल्कि मेडिकल शिक्षा में शैक्षिक नेतृत्व का एक मॉडल बनकर उभरा है। उन्होंने डॉ. सुजाता, डॉ. राकेश, डॉ. प्रशांत कुमार और डॉ. उमेश यादव एवं उनकी टीम की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आज के तेजी से बदलते स्वास्थ्य परिदृश्य में, मेडिकल टीचर की भूमिका केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के डॉक्टरों में नैतिकता, कौशल और सीखने की आदतें विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि रीजनल सेंटर जैसे संस्थान इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। बीसीएमई और सीआईएसपी जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से फैकल्टी को प्रशिक्षित करके, यह सेंटर स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता को मजबूत कर रहा है।

निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने कहा कि इस सेंटर में शैक्षिक अनुसंधान, मूल्यांकन और पाठ्यक्रम डिजाइन में नवाचारों का नेतृत्व करने की क्षमता है। डॉ. प्रशांत कुमार ने एक डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से बताया कि ये सेंटर नए संस्थानों के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करते हुए मेडिकल शिक्षा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। डॉ. राकेश मित्तल ने कहा कि मेडिकल एजुकेशन में डिजिटल तकनीक, सिमुलेशन और रिसर्च को बढ़ावा देने से छात्रों की दक्षता में वृद्धि होगी। डॉ. उमेश यादव ने बताया कि स्वास्थ्य सेवा का भविष्य केवल बुनियादी ढांचे और तकनीक पर नहीं, बल्कि प्रशिक्षित, प्रेरित और सक्षम मेडिकल शिक्षकों पर निर्भर है। अंत में डॉ. सुजाता सेठी ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान डॉ. आरती, डॉ. आशुमा सचदेव सहित अन्य फैकल्टी सदस्य मौजूद रहे।