हमारे कार्य, सोच और प्रतिबद्धता का दर्पण है गुणवत्ताः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित।

हमारे कार्य, सोच और प्रतिबद्धता का दर्पण है गुणवत्ताः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

नीलोखेड़ी, गिरीश सैनी। विकसित भारत के निर्माण का आधार गुणवत्ता होनी चाहिए। सरकारी कामकाज की प्रक्रियाओं, विकास कार्यों और निजी क्षेत्र में काम करने वाले उद्योगों तक गुणवत्ता को शिखर प्राथमिकता दिए जाने की जरूरत है। हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ वीरेंद्र सिंह चौहान ने ये टिप्पणी हरियाणा गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण और ग्रामीण विकास संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अभियंताओं के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन कार्यक्रम में की। उन्होंने कहा कि योग कर्मसु कौशलम् की प्राचीन भारतीय अवधारणा सरकारी तंत्र की कार्य संस्कृति का हिस्सा बने, इसके लिए नई पीढ़ी के अधिकारियों और कर्मचारियों को समर्पित होकर काम करना पड़ेगा।

 

निदेशक डॉ चौहान ने कहा कि गुणवत्ता आश्वासन केवल एक प्रशासनिक या तकनीकी शब्द नहीं है, बल्कि यह हमारे कार्य, हमारी सोच और हमारी प्रतिबद्धता का दर्पण है। गुणवत्ता आश्वासन का अर्थ केवल किसी उत्पाद या सेवा की जांच करना नहीं, बल्कि शुरुआत से अंत तक हर प्रक्रिया में उत्कृष्टता सुनिश्चित करना है। गुणवत्ता आश्वासन हमें सिखाता है कि हम जो भी करें, उसे सर्वोत्तम ढंग से करें। यह काम चलाऊ संस्कृति से उत्कृष्टता की संस्कृति की ओर ले जाने वाला एक सशक्त माध्यम है। जब हम गुणवत्ता पर ध्यान देते हैं, तो न केवल परिणाम बेहतर होते हैं, बल्कि लोगों का विश्वास भी मजबूत होता है।

 

डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकती है, जिससे आमजन को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि आज के बदलते परिवेश में अधिकारियों को निरंतर सीखते रहना चाहिए, ताकि वे नवीन चुनौतियों का सामना प्रभावी ढंग से कर सकें। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में लागू करने पर विशेष जोर दिया।

 

इस दौरान हरियाणा गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण से विपिन शर्मा (तकनीकी प्रमुख) विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस कार्यशाला का उद्देश्य अधिकारियों की कार्यक्षमता को बढ़ाना तथा नवीन तकनीकी व प्रशासनिक पहलुओं की जानकारी प्रदान करना है। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुशील मेहता ने मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।

 

हरियाणा गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण के तकनीकी प्रमुख विपिन शर्मा ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में गुणवत्ता मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तकनीकी दक्षता के साथ-साथ गुणवत्ता की सतत निगरानी भी जरूरी है, जिससे विकास कार्यों में पारदर्शिता और विश्वास बना रहता है।

 

कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुशील मेहता ने बताया कि इस दो दिवसीय कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न तकनीकी विषयों पर व्याख्यान दिए गए तथा प्रतिभागियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया, जिससे उनकी कार्यकुशलता में वृद्धि होगी। इस दौरान उपमंडल अधिकारी पंचायती राज राजेंद्र सिंह, मनीष दहिया, ईशान कपूर, शिवम, अक्षय, सौरव उप्पल सहित अन्य गणमान्य जन मौजूद रहे।