पीएम मोदी का अंत्योदय से संतृप्ति मॉडल हर पात्र को बनाएगा लाभार्थीः कैबिनेट मंत्री डॉ अरविंद शर्मा

केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन।

पीएम मोदी का अंत्योदय से संतृप्ति मॉडल हर पात्र को बनाएगा लाभार्थीः कैबिनेट मंत्री डॉ अरविंद शर्मा

रोहतक, गिरीश सैनी। हरियाणा के सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत व पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अंत्योदय से संतृप्ति का जो मॉडल सामने आया है, वह केवल योजनाएं बनाने का नहीं, बल्कि पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने का अभियान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय विचार को समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति के उत्थान को शासन व व्यवस्था का केंद्र बनाया है, इसी बूते देश व प्रदेश में लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार ने जनता का भरोसा जीतना सुनिश्चित किया है।

शनिवार को रोहतक भाजपा द्वारा पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के तहत जिला प्रशिक्षण वर्ग के उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य वक्ता प्रदेश, जिला व मंडल स्तर के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय भारतीय चिंतन की मूल भावना है। एकात्म मानववाद के दर्शन से निकला यह विचार केवल किसी व्यक्ति को आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के सम्मान, आत्मनिर्भरता और अवसरों की समान उपलब्धता का मार्ग प्रशस्त करता है। केंद्र की मोदी सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी गरीब, किसान, महिला, युवा, मजदूर या वंचित व्यक्ति सरकारी लाभ से वंचित न रहे।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भाजपा से पूर्व की सरकारें योजनाएं घोषित करती थी, लेकिन अनेक पात्र लोग जानकारी, भ्रष्टाचार या संसाधनों की कमी के कारण लाभ से वंचित रह जाते थे। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सुनिश्चित कर रहे हैं कि जो योजनाएं बने वो जनकल्याण और सशक्तिकरण का माध्यम बनें। उन्होंने कहा कि यह योजनाएं आमजन को लाभार्थी बनाने तक सीमित नहीं है। सरकार हर नागरिक को जिम्मेदार और भागीदार नागरिक बनाने के मूल मंत्र पर काम कर रही है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए कहा कि हर बूथ पर पात्र परिवारों की सूची तैयार करते हुए अलग-अलग योजना के मापदंडों के अनुसार लाभार्थी की पहचान की जाए। इसके बाद हर पात्र से सम्पर्क करते हुए उन्हें लाभ प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना है और उन्हें ऑफलाइन या ऑनलाइन आवेदन करवाने में मदद करनी है। इससे पूर्व सहकारिता मंत्री ने जिला स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया।