पीजीआईएमएस निदेशक डॉ. सिंघल ने शोध में नवीनतम तकनीक अपनाने का आह्वान किया
रोहतक, गिरीश सैनी। पं. भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विवि के पीजीआईएमएस में मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट द्वारा रैंडमाइजेशन एंड एलोकेशन कंसीलमेंट टेक्नीक्स विषय पर आयोजित एक वेबिनार में चिकित्सा अनुसंधान में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के आधुनिक तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। वेबीनार में बतौर मुख्य अतिथि, निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने शिरकत की।
बतौर मुख्य संरक्षक, कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने मार्गदर्शन प्रदान किया। आयोजन सचिव पैथोलॉजी विभाग और मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट के नोडल अधिकारी डॉ. संजय कुमार रहे।
निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने कहा कि रैंडमाइजेशन और एलोकेशन कंसीलमेंट तकनीक चिकित्सा अनुसंधान में गुणवत्ता और विश्वसनीयता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। हमें शोध में इन तकनीकों का उपयोग करके निष्पक्ष और विश्वसनीय परिणाम प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए।
बतौर मुख्य वक्ता, डॉ. सचिन मुंबारे ने क्लीनिकल रिसर्च में रैंडमाइजेशन और एलोकेशन कंसीलमेंट की भूमिका को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने बताया कि ये तकनीक कैसे रिसर्च बायस को कम करने में मदद करती हैं।
डॉ. संजय कुमार ने कहा कि इस वेबिनार का उद्देश्य चिकित्सा अनुसंधान में रैंडमाइजेशन और एलोकेशन कंसीलमेंट की महत्ता को समझाना है। इस वेबिनार में सात राज्यों से 150 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों को ई-सर्टिफिकेट प्रदान किए जाएंगे। इस दौरान डॉ रेनू जाखड़, डॉ मधु, डॉ नीति व डॉ रितिका भी मौजूद रहे।

Girish Saini 

