समभाव से कार्य कर साधारण व्यक्ति रच देते हैं इतिहासः कुलपति डॉ. अमित आर्य

शब्दोत्सव, भारंगम व सारंग को सफल बनाने वाले सुपवा परिवार का सम्मान।

समभाव से कार्य कर साधारण व्यक्ति रच देते हैं इतिहासः कुलपति डॉ. अमित आर्य

रोहतक, गिरीश सैनी। साधारण लोग शक्ति के साथ समभाव से कार्य करते हैं तो इतिहास लिख देते हैं। जब भी आप टीम के तौर पर कार्य करेंगे तो निश्चित तौर पर सफलता हासिल होगी। अक्सर लोग संगठित न होते हुए या फिर कोई दिशा न तय करते हुए कार्य करते हैं, इसलिए वे कभी सफल नहीं हो सकते। ये विचार दादा लख्मी चंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला विवि (डीएलसी सुपवा) के कुलपति डॉ अमित आर्य ने सुपवा परिवार को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। मौका था, शब्दोत्सव, भारंगम व सारंग महोत्सव को सफल बनाने में योगदान देने वाले संकाय सदस्यों, कर्मचारियों व विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन का। इस दौरान कुलसचिव डॉ. गुंजन मलिक मनोचा भी विशेष रूप से मौजूद रही।

जनवरी-फरवरी माह में हुए इन तीन बड़े आयोजनों की सफलता के लिए सुपवा परिवार को हार्दिक बधाई देते हुए कुलपति डॉ. अमित आर्य ने कहा कि दुनिया अभी तक सुपवा परिवार की तरफ नहीं देख रही थी, लेकिन अब सबकी नजर सुपवा परिवार पर है। अब समय परीक्षा का है, खुद को और अधिक अच्छा दिखाने की परीक्षा। विवि के प्रति आपकी जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि अभी सुपवा परिवार ने पहला कदम आगे बढ़ाया है, आने वाला समय सुपवा परिवार के लिए और अच्छा साबित होने वाला है। कुलपति ने कहा कि ये तो सिर्फ अंगड़ाई है, असल पिक्चर अभी बाकी है।

ध्यान रहे कि 2 से 4 जनवरी तक दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में दिल्ली सरकार द्वारा आयोजित शब्दोत्सव में सुपवा से 90 सदस्यीय टीम ने शिरकत की थी। आयोजकों द्वारा भेजे गए प्रमाणपत्र व स्मृति चिन्ह कुलपति ने संबंधित स्टाफ व छात्रों को सौंपे। इसके अलावा, एनएसडी के सहयोग से आयोजित 25वें भारत रंग महोत्सव (भारंगम) व विवि के अपने महोत्सव सारंग की सफलता में सहयोग देने वाले सुपवा परिवार के सदस्यों का उत्साहवर्धन करते हुए एनएसडी की ओर से आए स्मृति चिन्ह व सारंग की किट सौंपी। इस दौरान डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ अजय कौशिक, एफटीवी के एफसी महेश टीपी, डीएसडब्ल्यू विनय कुमार, एक्टिंग इंचार्ज केशव कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।