एमडीयू के सीएमबीटी में ओरल हेल्थ जागरूकता कार्यक्रम
विशेषज्ञों ने ओरल कैंसर, हुक्का कल्चर और लैंगिक समानता पर किया जागरूक
रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के सेंटर फॉर मेडिकल बायोटेक्नोलॉजी (सीएमबीटी) द्वारा ओरल हेल्थ पखवाड़े के तहत आयोजित एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शोधार्थियों को मौखिक स्वास्थ्य, ओरल कैंसर, व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया।
सिविल अस्पताल, रोहतक के जनरल डेंटिस्ट डॉ. विशाल मोंगिया ने नियमित ब्रशिंग के साथ रात में ब्रश करने की आदत को जरूरी बताते हुए कहा कि धूम्रपान और शराब जैसी जीवनशैली संबंधी आदतें मौखिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित डेंटल चेकअप और समय पर निवारक उपचार अपनाने की सलाह दी।
ओरल कैंसर विशेषज्ञ डॉ. नवीन जिंदल ने भारत में बढ़ते ओरल कैंसर के मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि इस बीमारी की शुरुआती पहचान संभव है और समय रहते उपचार मिलने पर परिणाम बेहतर रहते हैं। उन्होंने हरियाणा के युवाओं में बढ़ते हुक्का कल्चर को मौखिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताया।
सिविल अस्पताल के डॉ. विकास सैनी ने लिंग निर्धारण, कन्या भ्रूण हत्या और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के सामाजिक संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से लैंगिक समानता और कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया।
सीएमबीटी निदेशक डॉ. हरि मोहन ने नागरिक अस्पताल की टीम का आभार जताते हुए कहा कि विद्यार्थी समाज में सकारात्मक बदलाव के प्रभावी वाहक बन सकते हैं। प्रो. अमिता सुनेजा डंग ने कहा कि लैंगिक समानता के लिए नीतियों के साथ समाज की सोच और मानसिकता बदलना भी जरूरी है। कार्यक्रम के समापन पर डॉ. रश्मि भारद्वाज और डॉ. अनिल कुमार ने आयोजन टीम व प्रतिभागियों को बधाई दी।

Girish Saini 

