50वें स्थापना दिवस पर एमडीयू करेगी छात्र हित, शोध, नवाचार और सामाजिक समावेशन पर फोकस
कुलपति प्रो. मिलाप पूनिया ने डिस्टिंग्विश्ड लेक्चर सीरीज 2026 की घोषणा की।
रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के 50वें स्थापना दिवस पर कुलपति प्रो. मिलाप पूनिया ने विवि परिवार को बधाई देते हुए कहा कि ये केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि गौरवशाली उपलब्धियों और भविष्य के संकल्पों का प्रतीक है।
कुलपति ने कहा कि एमडीयू आज शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित संस्थान बन चुका है। विवि को शिक्षा मंत्रालय की एनआईआरएफ रैंकिंग में शीर्ष 100 में स्थान मिला है और वर्ष 2019 में नैक द्वारा ए प्लस ग्रेड से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही 2020 में ग्रीन मेंटर संस्थान और 2018 में देश के सबसे स्वच्छ विवि परिसरों में शामिल होना इसकी बड़ी उपलब्धियां हैं।
उन्होंने स्वामी दयानंद सरस्वती के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि सोच और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने कहा कि एनईपी-2020 एमडीयू के लिए नए अवसर लेकर आई है। विवि बहुविषयक शिक्षा, नवाचार और उद्यमशीलता को बढ़ावा देते हुए ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा। इसके तहत गुणवत्तापूर्ण शोध, समावेशी वातावरण, वैश्विक मूल्यों के अनुरूप व्यक्तित्व विकास और शिक्षकों के पेशेवर विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कुलपति ने बताया कि आने वाले समय में छात्र कल्याण, जेंडर सेंसिटाइजेशन, नशा मुक्ति अभियान, सामाजिक समावेशन, मानसिक स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने एमडीयू डिस्टिंग्विश्ड लेक्चर सीरीज 2026 शुरू करने की घोषणा की, जिसमें देश-विदेश के ख्याति प्राप्त विद्वान और विशेषज्ञ समसामयिक विषयों पर व्याख्यान देंगे। साथ ही भविष्य में स्थापना दिवस पर विशेष लेक्चर कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों और पूर्व छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने विचार और ऊर्जा के साथ विवि की प्रगति यात्रा में सहभागी बनें।

Girish Saini 

