सरकारी योजनाओं और प्रशिक्षण से ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए मौके

मत्स्य पालन से आत्मनिर्भर बन महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी खरकड़ा की मनीषाः डीसी सचिन गुप्ता

सरकारी योजनाओं और प्रशिक्षण से ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए मौके

रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त  सचिन गुप्ता ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित स्वरोजगार एवं कौशल विकास योजनाओं का लाभ उठाकर ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने बताया कि खरकड़ा गांव की मनीषा ने मत्स्य पालन को अपनाकर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि महिला उद्यमिता की एक नई मिसाल भी स्थापित की है।

डीसी सचिन गुप्ता ने बताया कि मनीषा को जलीय कृषि के क्षेत्र में कार्य करने की प्रेरणा एक समाचार पत्र में प्रकाशित लेख से मिली। परिवार की आय बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने वर्ष 2020 में हिसार स्थित एक्वाकल्चर रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एआरटीआई) से प्रशिक्षण प्राप्त किया और गांव खरकड़ा के निकट तीन एकड़ क्षेत्र में मीठे पानी की मत्स्य पालन परियोजना आरंभ की। मनीषा ने पहले ही उत्पादन चक्र में लगभग 50 मीट्रिक टन मछली उत्पादन हासिल किया, जिससे उन्हें लगभग 5 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई। यह दर्शाता है कि आधुनिक तकनीकों और उचित प्रशिक्षण के माध्यम से सीमित संसाधनों में भी बेहतर आय अर्जित की जा सकती है।

उपायुक्त ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और ग्रामीण युवाओं के साथ-साथ महिलाओं को भी मत्स्य पालन, पशुपालन, बागवानी तथा अन्य कृषि आधारित गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इन क्षेत्रों में उपलब्ध प्रशिक्षण एवं सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मनीषा की सफलता अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अधिक से अधिक महिलाएं ऐसे नवाचारपूर्ण एवं लाभकारी व्यवसायों को अपनाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।