मीडिया से गेमिंग तक करियर के नए दरवाजे खुले, क्रिएटिविटी को बनाएं अपनी ताकतः डॉ. किट्टी मुखर्जी

कैंपस स्कूल में करियर होराइजन्स कार्यक्रम में विद्यार्थियों को दिया -लिसन, ऑब्जर्व एंड क्रिएट का मंत्र।

मीडिया से गेमिंग तक करियर के नए दरवाजे खुले, क्रिएटिविटी को बनाएं अपनी ताकतः डॉ. किट्टी मुखर्जी

रोहतक, गिरीश सैनी। बदलती तकनीक और डिजिटल दौर ने विद्यार्थियों के सामने करियर के नए रास्ते खोल दिए हैं। मीडिया, फिल्म प्रोडक्शन, एनिमेशन, गेमिंग और डिजिटल कंटेंट जैसे रचनात्मक क्षेत्रों में रोजगार के साथ उद्यमिता के भी व्यापक अवसर हैं। विद्यार्थियों को इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए कम्युनिकेशन स्किल्स के साथ तकनीकी और डिजिटल टूल्स की जानकारी हासिल करनी चाहिए।

यह बात आरवी यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु की वरिष्ठ प्राध्यापिका एवं डायरेक्टर, कैंपस प्लेसमेंट डॉ. किट्टी मुखर्जी ने एमडीयू के स्वराज सदन कॉन्फ्रेंस हॉल में यूनिवर्सिटी कैंपस स्कूल के विद्यार्थियों के साथ आयोजित इंटरैक्टिव सत्र में कही। उल्लेखनीय है कि डॉ. मुखर्जी एमडीयू एलुमना भी हैं।

करियर होराइजन्स : करियर इन मीडिया, फिल्म प्रोडक्शन, एनिमेशन एंड गेमिंग विषय पर आयोजित विशेष व्याख्यान में डॉ. मुखर्जी ने विद्यार्थियों को बदलते जॉब मार्केट और तेजी से उभर रहे क्रिएटिव सेक्टर की संभावनाओं से रूबरू कराया। उन्होंने कहा कि आज केवल विषय का ज्ञान पर्याप्त नहीं है। प्रभावी कम्युनिकेशन, आईसीटी स्किल्स और तकनीक के साथ तालमेल सफल करियर की अहम कुंजी हैं।

डॉ. किट्टी मुखर्जी ने लिसन, ऑब्जर्व एंड क्रिएट- बी ए क्रिएटिव कम्युनिकेटर का मंत्र देते हुए विद्यार्थियों को ऑरेंज इकोनॉमी की अवधारणा समझाई। उन्होंने कहा कि रचनात्मकता और डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल से विद्यार्थी अपनी रुचि को करियर और व्यवसाय में बदल सकते हैं। कंटेंट क्रिएशन से लेकर स्टार्टअप और एंटरप्रिन्योरशिप तक युवाओं के लिए नए अवसर उपलब्ध हैं।

सत्र के दौरान विद्यार्थियों से स्टोरी राइटिंग और स्टोरी टेलिंग की गतिविधियां करवाई गईं। इसके माध्यम से उन्होंने कहानी को प्रभावी कंटेंट में बदलने की तकनीक समझाई। लघु फिल्मों के प्रदर्शन के जरिए क्रिएटिव कम्युनिकेशन के विभिन्न करियर विकल्प भी बताए गए। विद्यार्थियों ने गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

यूनिवर्सिटी कैंपस स्कूल की निदेशक प्रो. पूजा सुनेजा ने डॉ. मुखर्जी का स्वागत करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ कम्युनिकेशन, क्रिएटिविटी और टेक्नोलॉजी में भी दक्ष बनाना समय की जरूरत है। उन्होंने विद्यार्थियों से बदलती तकनीक को चुनौती नहीं, बल्कि अवसर के रूप में अपनाने का आह्वान किया।

कैंपस स्कूल की शिक्षिका डॉ. अंजू हुड्डा ने कार्यक्रम का संचालन किया और आभार जताया। इस दौरान फर्स्ट अपीलेट अथॉरिटी प्रो. जसवंत सैनी, पीआरओ पंकज नैन, शिक्षक मनोज हुड्डा, रीना, सोनिया, संतोष सहित शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।