बीएमयू में विज्ञान, नवाचार एवं प्रौद्योगिकी पर राष्ट्रीय तकनीकी संगोष्ठी

विद्यार्थी तकनीकी शिक्षा के बदलते आयामों पर अनुसंधान और नवाचार को बनाएं जीवन का अभिन्न अंगः वीसी डॉ. बी.एम. यादव

बीएमयू में विज्ञान, नवाचार एवं प्रौद्योगिकी पर राष्ट्रीय तकनीकी संगोष्ठी

रोहतक, गिरीश सैनी। बाबा मस्तनाथ विवि, अस्थल बोहर के इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय द्वारा हरियाणा राज्य विज्ञान, नवाचार एवं प्रौद्योगिकी परिषद, हरियाणा के सहयोग से विज्ञान, नवाचार एवं प्रौद्योगिकी विषय पर राष्ट्रीय तकनीकी संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और शोधार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा, नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कुलपति प्रो. बी.एम. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय तकनीकी दिवस भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों, अनुसंधान क्षमता और तकनीकी प्रगति का प्रतीक है। वर्तमान समय विज्ञान और तकनीक का युग है, जिसमें केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को नवाचार, अनुसंधान और तकनीकी दक्षता को भी अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे बदलते वैश्विक परिवेश के अनुरूप नई तकनीकों को अपनाएं तथा शोध एवं नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

बतौर विशिष्ट अतिथि, वर्चुअल माध्यम से जुड़े डॉ. राहुल तनेजा ने पेटेंट एवं बौद्धिक संपदा अधिकार विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों को पेटेंट फाइलिंग की संपूर्ण प्रक्रिया, उससे संबंधित कानूनी पहलुओं तथा नवाचारों की सुरक्षा के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में किसी भी नवाचार की वास्तविक सफलता तभी संभव है, जब उसे कानूनी संरक्षण प्राप्त हो। उन्होंने भारत सरकार द्वारा स्टार्टअप, शोधकर्ताओं और युवा इनोवेटर्स के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का उल्लेख भी किया।

बतौर मुख्य वक्ता प्रो. राकेश कुमार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सस्टेनेबिलिटी विषय पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक और एआई का सही उपयोग पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा प्रबंधन और सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने अनेक प्रतिष्ठित कंपनियों के उदाहरण देते हुए बताया कि बदलती तकनीक को अपनाने में देरी करने के कारण कई बड़ी कंपनियां अपना अस्तित्व खो बैठीं।

अन्य वक्ता डॉ. विक्रम बंसल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उसके विविध उपयोग विषय पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डालते हुए कहा कि एआई शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, व्यापार और प्रशासन सहित लगभग प्रत्येक क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही है। डॉ. अनिल डुडी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुमन राठी ने किया।