सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने किया महम और लाखन माजरा अनाज मंडियों का दौरा

अनाज की गुणवत्ता के नियमों में छूट की मांग की।

सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने किया महम और लाखन माजरा अनाज मंडियों का दौरा

रोहतक, गिरीश सैनी। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने महम और लाखन माजरा अनाज मंडियों का दौरा कर किसानों, आढ़तियों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनी। मंडी में किसानों व आढ़तियों ने शिकायत की कि न तो खरीद हो रही है, न उठान हो रहा है। और तो और मंडियों में न बारदाना की व्यवस्था है, न तिरपाल है, न लेबर, न अन्य सुविधाएं मिल रही है। इस पर सांसद ने मंडी अधिकारियों को बुलाकर खरीद के बारे में पूछा तो मौजूद अधिकारियों ने बताया कि पोर्टल बंद है और सर्वर डाउन है जिसके चलते गेट पास, खरीद सब कुछ ठप है।

दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि बीजेपी की पोर्टल सरकार का ई-खरीद पोर्टल ही बंद है, सर्वर डाउन है जिससे पूरी प्रक्रिया बाधित हो रही है, खासतौर पर उठान तो न के बराबर हुआ है। मंडी अधिकारियों ने बताया कि अभी तक महम अनाज मंडी में लगभग डेढ़ लाख क्विंटल के करीब आवक हुई है जबकि केवल 10,000 क्विंटल का उठान हुआ है। वहीं, लाखन माजरा मंडी में एक लाख कुंतल आवक हुई, लेकिन खरीद मात्र 4 हज़ार कुंतल हुई है और वो भी आज हुई है।

सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि पूरे हरियाणा की मंडियों में यही हाल है। खरीद और उठान न होने से मंडियाँ अनाज से अटी पड़ी हैं। उन्होंने आशंका जताई कि अगर बारिश या कुछ ऐसी आपदा आई तो किसान को भारी नुकसान हो जाएगा। सरकार तुरंत इसका समाधान करे। दीपेन्द्र हुड्डा ने मांग की कि एफसीआई ने गेहूं के दाने के रंग में फ़र्क, ग्रेन क्वालिटी से जुड़े जो मानक बनाए हैं उनमें राहत मिले। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य राजस्थान में इसके नमी के प्रतिशत में राहत मिली है तो हरियाणा में भी जो 12% की सीमा है, उसे बढ़ाया जाना चाहिए और अनाज की गुणवत्ता के नियमों में छूट दी जानी चाहिए, ताकि किसानों को किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।

पोर्टल बंद होने की शिकायतों को दूर करने के लिए सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने सुझाव दिया कि ऑनलाइन सिस्टम के साथ-साथ पहले की तरह पैरेलल सिस्टम भी होना चाहिए, ताकि अगर पोर्टल न चले तो बिना विलंब के मैनुअल प्रोसेस हो और किसान को कोई दिक्कत न आए। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि ऐसी व्यवस्था बने ताकि न किसान को तकलीफ हो न आढ़ती को तकलीफ हो। सरकार के मनमाने नियमों जैसे ट्रैक्टर पर बड़ी नंबर प्लेट, बायोमेट्रिक, गेट पास, 3 गारंटर जैसी शर्तें लगाई जा रही है कि किसान परेशान होकर मंडी के बाहर ही फसल बेचकर चला जाए। उन्होंने किसानों को परेशान करने वाले बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, ट्रैक्टर वेरिफिकेशन, 3 गारंटर जैसे सभी नियम सरकार द्वारा रद्द करने की मांग की।

एक सवाल के जवाब में सांसद ने कहा कि सरकार की नीयत किसान विरोधी है। सरकार खरीद की प्रक्रिया को इतना जटिल बना देती है ताकि सरकारी खरीद कम से कम हो, किसानों का नुकसान हो और उनकी उपज का पूरा मूल्य न मिले। इससे पहले सांसद दीपेन्द्र हुड्डा गांव मोखरा में आयोजित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती समारोह में शामिल हुए। उन्होंने गांव चांदी में सनातन धर्म मंदिर ट्रस्ट तथा अंबेडकर भवन का उद्घाटन भी किया।