मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0 अभियान 1 अक्टूबर सेः सीजेएम डॉ. तरन्नुम खान
रोहतक, गिरीश सैनी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम डॉ. तरन्नुम खान ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण (नालसा) तथा मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति (एमसीपीसी), माननीय सर्वोच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में देशव्यापी विशेष अभियान मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0 का शुभारंभ 1 अक्टूबर से किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित ऐसे मामलों का सौहार्दपूर्ण, त्वरित एवं कम खर्चीले तरीके से समाधान सुनिश्चित करना है, जिनमें आपसी समझौते की संभावना मौजूद है।
सीजेएम डॉ. तरन्नुम खान ने बताया कि अभियान के अंतर्गत 30 सितंबर तक मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाए जा सकने वाले मामलों की पहचान की जाएगी। इसके बाद 1 अक्टूबर से मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0 अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत वैवाहिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा मामले, घरेलू हिंसा से संबंधित मामले, चेक बाउंस (धारा 138 एनआई एक्ट) के मामले, वाणिज्यिक एवं व्यापारिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, समझौता योग्य आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, विभागीय वसूली संबंधी मामले, संपत्ति विभाजन, बेदखली एवं किरायेदारी विवाद, भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामले तथा ऐसे अन्य सिविल विवाद, जिनमें समझौते की संभावना हो, मध्यस्थता के लिए चिन्हित किए जा रहे हैं।
सीजेएम डॉ. तरन्नुम खान ने बताया कि मध्यस्थता एक प्रभावी वैकल्पिक विवाद निस्तारण प्रक्रिया है, जिसमें दोनों पक्ष निष्कर्ष मध्यस्थ की सहायता से आपसी सहमति के आधार पर विवाद का समाधान करते हैं। इस प्रक्रिया से समय, धन एवं अनावश्यक मानसिक तनाव की बचत होती है। उन्होंने जिला के सभी नागरिकों, अधिवक्ताओं, सरकारी विभागों, संस्थानों तथा न्यायालयों में लंबित मामलों के पक्षकारों का आह्वान किया कि वे इस विशेष अभियान का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने विवादों के शांतिपूर्ण एवं स्थायी समाधान के लिए मध्यस्थता को प्राथमिकता दें।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान मध्यस्थता योग्य मामलों की सूची न्यायालयों के नोटिस बोर्ड, बार एसोसिएशन तथा संबंधित आधिकारिक वेबसाइटों पर भी प्रदर्शित की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इस राष्ट्रीय पहल की जानकारी पहुंच सके।
Girish Saini 

