रोहतक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़, कई स्वास्थ्य सूचकांकों में रोहतक राज्य औसत से बेहतरः उपायुक्त सचिन गुप्ता

16 से 21 मार्च तक विशेष टीकाकरण सप्ताह मनाया जाएगा।

रोहतक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़, कई स्वास्थ्य सूचकांकों में रोहतक राज्य औसत से बेहतरः उपायुक्त सचिन गुप्ता

रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य विभाग की एक विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला में चल रहे प्रमुख जन स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की और स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य सुधार के लिए तीन प्रमुख पहल पर विशेष ध्यान देने को कहा।

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जिला में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए तीन प्रमुख पहलों पर ध्यान दिया जाएगा। इन पहलों में सुरक्षित मातृत्व मिशन के तहत उच्च जोखिम गर्भधारण की निगरानी और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना, प्रथम 1000 दिन पोषण कार्यक्रम के अंतर्गत मातृ पोषण सुधारना और कम वजन वाले जन्म को कम करना तथा हेल्दी रोहतक पहल के तहत जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की प्रारंभिक पहचान और दीर्घकालिक प्रबंधन करना शामिल है।

उपायुक्त ने कहा कि रोहतक ने कई स्वास्थ्य सूचकांकों में राज्य औसत की तुलना में उल्लेखनीय प्रगति की है और आगे भी मातृ स्वास्थ्य, पोषण, रोग रोकथाम और शुरुआती पहचान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि जिला के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सूचकांकों में रोहतक का प्रदर्शन हरियाणा के औसत से बेहतर है, जो जिला में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को दर्शाता है।

उपायुक्त ने कहा कि रोहतक में नवजात मृत्यु दर लगभग 9.6 है, जबकि हरियाणा का औसत 19 है। इसी प्रकार शिशु मृत्यु दर जिला में लगभग 16.7 है, जबकि राज्य औसत 26 है। वहीं पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर लगभग 18.6 दर्ज की गई है, जो हरियाणा के औसत 30 से काफी कम है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले का विस्तृत विश्लेषण किया जाए, ताकि कारणों की पहचान कर प्रभावी रोकथाम उपाय लागू किए जा सकें।

उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी संस्थागत प्रसव के मामलों में प्रसूता और नवजात को कम से कम 48 घंटे तक स्वास्थ्य संस्थान में निगरानी में रखा जाए, ताकि किसी भी जटिलता का समय पर पता लगाकर उपचार किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को गर्भवती महिलाओं के पोषण और एएनसी सेवाओं की निगरानी को और मजबूत करने के निर्देश दिए। महिलाओं को प्रसव के 48 घंटे तक अनिवार्य निगरानी अवधि के पूरी होने से पहले ही अस्पताल से छुट्टी न दी जायें तथा स्वास्थ्य संस्थान इस दिशा में निर्धारित दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी हाई रिस्क गर्भधारण मामलों की ब्लॉक स्तर पर निगरानी की जाए तथा एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से नियमित फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाए।

उपायुक्त ने कहा कि जिला में 16 से 21 मार्च तक विशेष टीकाकरण सप्ताह मनाया जाएगा, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। उन्होंने राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की औऱ निर्देश दिए कि सभी चिन्हित मरीजों को नियमित उपचार और निगरानी सुनिश्चित की जाए। कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के अंतर्गत जिला में 3.5 लाख से अधिक लोगों की मौखिक कैंसर की जांच की जा चुकी है। इसी तरह 1.69 लाख से अधिक महिलाओं की स्तन कैंसर की जांच भी की गई है। उन्होंने महिलाओं के लिए विशेष स्क्रीनिंग शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने डेंगू व मलेरिया नियंत्रण पर जोर देते हुए कहा कि मानसून से पहले ही संभावित संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, निगरानी बढ़ाने और जन जागरूकता अभियान चलाया जाये।

आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं 112 एंबुलेंस सेवा की समीक्षा करते हुए उन्होंने आपात कालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस के उपलक्ष में 22 मार्च से 28 मार्च 2026 तक टीबी मुक्त सप्ताह मनाया जाएगा और इस दौरान नागरिकों को जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएगी।  टीबी मुक्त सप्ताह के दौरान जिला की 25 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत के रूप में सम्मानित किया जायेगा, जिनमें नसीरपुर, कटवाडा, घिलौड़ खुर्द, भैंसरू कलां, भैंसरू खुर्द, अटायल, नौनंद, कारौर, जैतपुर, मसूदपुर, गढ़ी, माडौधी जाटान, भाली आनंदपुर, ककराना, भैणी भैरो, निडाना, सिसरौली, समरगोपालपुर खुर्द, घुसकानी, जिंदराण, नांदल, बेडवा, सैमाण-2, खरक जाटान एवं गूगाहेड़ी शामिल हैं।

बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार, नगराधीश अंकित कुमार, मंडल आयुक्त के ओएसडी शुभम, सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र, जिला न्यायवादी सुरेंद्र पाहवा, उपसिविल सर्जन डॉ. सुशीला, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. सतपाल, उप जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता चहल, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी दीपिका सैनी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।