पंचकोश से समझाया व्यक्तित्व विकास का मंत्र, एमडीयू में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत
रोहतक, गिरीश सैनी। एमडीयू के केमिस्ट्री विभाग में नवप्रवेशी एमएससी विद्यार्थियों के स्वागत के लिए इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। विभागाध्यक्ष प्रो. देवेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विभाग की शैक्षणिक, शोध एवं अन्य गतिविधियों से अवगत कराया गया।
बतौर मुख्य वक्ता दयानंद एंड वैदिक स्टडीज सेंटर एवं सेंटर फॉर इंडियन नॉलेज सिस्टम के निदेशक प्रो. सुरेंद्र कुमार ने व्यक्तित्व विकास पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि वास्तविक व्यक्तित्व विकास केवल बाहरी उपलब्धियों तक सीमित नहीं, बल्कि आंतरिक चेतना और आत्म-विकास से जुड़ा है।
उन्होंने पंचकोश—अन्नमय, प्राणमय, मनोमय, विज्ञानमय और आनंदमय कोश—की अवधारणा समझाते हुए विद्यार्थियों को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सजग, भावनात्मक रूप से संतुलित और सामाजिक रूप से जिम्मेदार बनने का संदेश दिया।
प्रो. बलबीर आचार्य ने अच्छे संस्कार, चरित्र, अनुशासन और सकारात्मक सोच को सफलता की आधारशिला बताया। डॉ. संगीता यादव ने विद्यार्थियों को विभाग एवं विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और शोध सुविधाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन रचना ने किया। इस दौरान प्रो. हरिओम, प्रो. प्रीति बूरा दून, प्रो. राजेश कुमार मलिक, प्रो. नवीन कुमार, प्रो. कोमल, साक्षी, डॉ. विजय, डॉ. मुखनवती, बरखा और दीक्षा सहित नवप्रवेशी विद्यार्थी मौजूद रहे।

Girish Saini 

