सत्यापन में पारदर्शिता और गुणवत्ता को बनाएं कार्य का मूलमंत्रः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

715 गांवों में ओडीएफ प्लस सत्यापन, पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर।

सत्यापन में पारदर्शिता और गुणवत्ता को बनाएं कार्य का मूलमंत्रः डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान

नीलोखेड़ी, गिरीश सैनी। हरियाणा को 2 अक्टूबर 2026 तक ओडीएफ प्लस मॉडल बनाने की दिशा में प्रदेश के 715 गांवों का निर्धारित मापदंडों के अनुसार सत्यापन किया जाएगा। हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान, नीलोखेड़ी के संसाधन व्यक्तियों की टीमें यह जिम्मेदारी संभालेंगी। एचआईआरडी निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने सत्यापन कार्य में पारदर्शिता, गुणवत्ता और तथ्यात्मकता को मूलमंत्र बनाने का आह्वान किया।

ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम पंचायतों के सत्यापन को लेकर आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. चौहान ने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ ग्रामीण परिवेश का निर्माण सरकार की प्राथमिकताओं में है। गांवों में स्वच्छता, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन और आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के प्रत्येक खंड से पांच गांवों का सत्यापन किया जाएगा। टीमों द्वारा प्रत्येक चयनित गांव में 50 घरों के साथ स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, ग्राम सचिवालय, कचरा प्रबंधन, गंदे पानी के प्रबंधन और अन्य आवश्यक सुविधाओं का निर्धारित मानकों के आधार पर निरीक्षण किया जाएगा।

डॉ. चौहान ने संसाधन व्यक्तियों से फील्ड में पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सत्यापन के दौरान वास्तविक स्थिति को सही रूप में दर्ज किया जाए और ग्रामीणों के साथ सकारात्मक व्यवहार रखा जाए।

कार्यक्रम समन्वयक संदीप कुमार ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य संसाधन व्यक्तियों को सत्यापन प्रक्रिया, मानकों और फील्ड कार्यप्रणाली की जानकारी देना है। उन्होंने एकरूपता, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करने पर जोर दिया। इस दौरान संसाधन व्यक्ति नारायण दत्त, पिंकी, रूप लाल, रीना कुमारी, मुकेश कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।