आयुष्मान सारथी पोर्टल के माध्यम से नागरिकों के स्वास्थ्य मार्गदर्शक बनेंगे अस्पताल
डीसी सचिन गुप्ता ने क्लेम रिजेक्शन रोकने के लिए सटीक दस्तावेजीकरण और प्रशिक्षित स्टाफ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि पात्र नागरिकों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं चिरायु हरियाणा का लाभ सहज, त्वरित और बिना किसी बाधा के उपलब्ध करवाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा आयुष्मान सारथी पोर्टल के माध्यम से विशेष नागरिक सुविधा पहल शुरू की जा रही है। इस पहल के अंतर्गत आयुष्मान योजना के पैनल में शामिल अस्पताल केवल उपचार केंद्र नहीं रहेंगे, बल्कि पात्र नागरिकों के लिए स्वास्थ्य मार्गदर्शक, सुविधा सहयोगी और योजना के सक्रिय क्रियान्वयन भागीदार के रूप में कार्य करेंगे।
डीसी सचिन गुप्ता ने आयुष्मान योजना के अंतर्गत पैनल में शामिल निजी अस्पताल संचालकों एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अस्पताल अपने परिसर में आयुष्मान योजना की पात्रता, उपलब्ध चिकित्सा पैकेज, हेल्पलाइन नंबर, मरीज अधिकार और आवश्यक जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित करें, ताकि नागरिकों को अस्पताल पहुंचते ही योजना की पूरी जानकारी मिल सके।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन आयुष्मान योजना को केवल एक स्वास्थ्य बीमा योजना के रूप में नहीं, बल्कि गरीब एवं पात्र परिवारों के लिए सम्मानजनक स्वास्थ्य सुरक्षा के अधिकार के रूप में लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान सारथी पोर्टल का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिला का कोई भी पात्र नागरिक जानकारी, प्रक्रिया संबंधी कठिनाई या कार्ड उपलब्ध न होने के कारण उपचार से वंचित न रहे। अस्पतालों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक मरीज की आयुष्मान पात्रता तत्काल ऑनलाइन जांची जाए। यदि कोई मरीज पात्र पाया जाता है, लेकिन उसके पास आयुष्मान कार्ड उपलब्ध नहीं है, तो अस्पताल उसकी जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध करवाते हुए कार्ड निर्माण और उपचार सुविधा सुनिश्चित करने में सक्रिय सहयोग करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अस्पतालों में समर्पित आयुष्मान हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएं तथा प्रशिक्षित आयुष्मान मित्र/स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाए। अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों, प्रशासनिक कर्मियों और क्लेम प्रोसेसिंग स्टाफ को योजना के सभी उपचार पैकेज, पात्रता शर्तों और प्रक्रियाओं की पूर्ण जानकारी होनी चाहिए, ताकि पात्र मरीजों को तत्काल और सही मार्गदर्शन मिल सके।
डीसी सचिन गुप्ता ने कहा कि क्लेम रिजेक्शन की बड़ी वजह तकनीकी त्रुटियां और अधूरी जानकारी होती हैं। इसे रोकने के लिए अस्पताल यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक क्लेम फॉर्म में मरीज का विवरण, दस्तावेज और उपचार संबंधी जानकारी पूरी सटीकता से दर्ज की जाए। इससे मरीजों को परेशानी नहीं होगी और भुगतान प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी बनेगी।
मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी तनुमय दत्ता ने पीपीटी के माध्यम से आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा योजना के प्रावधानों बारे जानकारी दी। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र, उप सिविल सर्जन डॉ. सुशीला सहित अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

Girish Saini 

