मॉनसून सत्र में सरकार ने झूठ से गुमराह किया सदन कोः पूर्व सीएम हुड्डा
कौशल-सफाई कर्मियों से लेकर भर्ती और कर्ज तक भाजपा पर बरसे नेता प्रतिपक्ष।
रोहतक/चंडीगढ़, गिरीश सैनी। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा सरकार पर पूरे मॉनसून सत्र के दौरान विपक्ष को दबाने, सदन को गुमराह करने और सवालों से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में वरिष्ठ विधायकों के साथ जिस तरह का दुर्व्यवहार और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान धक्का-मुक्की हुई, वह विधानसभा के इतिहास का काला अध्याय है।
अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए हुड्डा ने कहा कि सरकार विपक्ष के सवालों का स्पष्ट जवाब देने के बजाय झूठ का सहारा लेती रही। उन्होंने कौशल निगम के कर्मचारियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि चुनाव से पहले भाजपा ने कर्मचारियों को रिटायरमेंट तक पक्का करने का वादा किया था, लेकिन अब मुख्यमंत्री खुद सदन में कह रहे हैं कि कौशल निगम केवल वैकल्पिक व्यवस्था है और इसके तहत लगे कर्मचारियों को कभी भी हटाया जा सकता है। यानी सरकार ने सदन में ही अपने चुनावी वादे की पोल खोल दी।
पूर्व सीएम ने सफाई कर्मियों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कांग्रेस शासनकाल की 16 और 18 जून 2014 की नीतियों का हवाला देते हुए कहा कि तीन साल से कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने का फैसला लिया गया था। उन्होंने सवाल किया कि जब कांग्रेस ऐसा कर सकती थी तो भाजपा सफाई कर्मियों को दो साल में नियमित करने की नीति क्यों नहीं बना सकती।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार के दौरान 11 हजार ग्रामीण और 14 हजार शहरी सफाई कर्मियों की नियुक्ति हुई थी, लेकिन भाजपा सरकार अब तक उन्हें पक्का नहीं कर पाई। हुड्डा ने मांग की कि कर्मचारियों को नियमित करने का प्रस्ताव विधानसभा में लाया जाए, कांग्रेस विपक्ष में रहते हुए भी उसका समर्थन करेगी।
बैंक घोटालों पर सरकार को घेरते हुए हुड्डा ने कहा कि आईडीएफसी, एयू स्मॉल फाइनेंस और कोटक महिंद्रा बैंक से जुड़े मामलों पर कांग्रेस चर्चा चाहती थी, लेकिन सरकार इससे बचती रही। उन्होंने सवाल किया कि यदि वित्तीय नुकसान नहीं हुआ तो तीन आईएएस अधिकारियों को निलंबित क्यों करना पड़ा।
भर्तियों को लेकर हुड्डा ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकाल में भर्ती संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठे और एचपीएससी, एचएसएससी तथा कौशल निगम को अदालतों से फटकार और जुर्माना तक झेलना पड़ा। कर्ज के मुद्दे पर हुड्डा ने कहा कि भाजपा ने हरियाणा को 5.53 लाख करोड़ रुपये के कर्ज में डुबो दिया है। उन्होंने सरकार को पी-पी-पी-पी यानी प्रचार, पुलिस, पोर्टल और पोलराइजेशन की सरकार करार दिया।
आयुष्मान योजना पर हुड्डा ने कहा कि निजी अस्पतालों का करीब 1,200 करोड़ रुपये बकाया है, जिससे गरीबों को इलाज में परेशानी हो रही है। विधायक अशोक अरोड़ा ने अवैध कॉलोनियों और सेक्टरों की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सिर्फ नाम बदलने से विकास नहीं होता, इसके लिए नीयत बदलनी पड़ती है।

Girish Saini 

