पात्र अनुबंधित विवि शिक्षकों के मामले को पूरी मजबूती से सदन में उठाएंगेः पूर्व सीएम हुड्डा
हुकटा प्रतिनिधिमंडल ने लंबित जॉब सिक्योरिटी की मांग को लेकर पूर्व सीएम को सौंपा ज्ञापन।
रोहतक, गिरीश सैनी। हरियाणा यूनिवर्सिटीज कॉन्ट्रैक्चुअल टीचर्स एसोसिएशन (हुकटा) के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को नेता प्रतिपक्ष एवं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से उनके रोहतक स्थित आवास पर मुलाकात की और राज्य के सरकारी विवि में कार्यरत पात्र अनुबंधित शिक्षकों की लंबित जॉब सिक्योरिटी की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।
पूर्व सीएम हुड्डा ने कहा कि उन्होंने स्वयं वर्ष 2024 के शीतकालीन विधानसभा सत्र में ये मुद्दा उठाया था। विधानसभा के अन्य सत्रों में भी कांग्रेस विधायकों द्वारा ये मुद्दा उठाया जा रहा है। हुड्डा ने कहा कि उन्हें भी उम्मीद थी कि राज्य सरकार वर्ष 2025 के शीतकालीन सत्र में सेवा-सुरक्षा विधेयक लाकर विवि के अनुबंधित शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित करेगी। पूर्व सीएम ने हुकटा प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वे इस विषय को पूरी मजबूती से सदन में उठाएंगे तथा हरियाणा सरकार से इस मामले में देरी के कारणों पर सवाल कर शीघ्र से शीघ्र जॉब सिक्योरिटी सुनिश्चित कराने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।
हुकटा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. विजय मलिक एवं उपाध्यक्ष डॉ शर्मिला यादव ने पूर्व सीएम से आग्रह किया कि आगामी बजट सत्र में हरियाणा सरकार से ये प्रश्न लिखित एवं सदन में उठाया जाए कि हरियाणा विवि अनुबंधित शिक्षक (सेवा-सुरक्षा) विधेयक को शीघ्र सदन में प्रस्तुत किया जाए, ताकि कॉलेजों के एक्सटेंशन लेक्चरर्स एवं अन्य अनुबंधित कर्मचारियों की भांति विवि के अनुबंधित शिक्षकों को भी सेवा-सुरक्षा का कानूनी संरक्षण प्राप्त हो सके।
हुकटा उपाध्यक्ष शर्मिला यादव ने कहा कि जॉब सिक्योरिटी का कानून लागू न होने तक हजारों अनुबंधित शिक्षकों के सिर पर रोजगार छिनने की तलवार लटकी रहेगी। उन्होंने कहा कि पहले इंदिरा गांधी विवि, रेवाड़ी और अब एमडीयू, रोहतक में पहले से कार्यरत लगभग 65 पात्र अनुबंधित शिक्षकों को बिना किसी कानूनी सुरक्षा के कार्यमुक्त किए जाने का खतरा बना हुआ है। जबकि सरकार द्वारा कॉलेजों में कार्यरत एक्सटेंशन लेक्चरर्स को जॉब सिक्योरिटी प्रदान की गई है और उन्हें कार्यमुक्त न करने के स्पष्ट निर्देश शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए हैं।
हुकटा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. विजय मलिक ने बताया कि इस बारे में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को बार-बार अवगत कराया गया है, लेकिन इसके बावजूद प्रक्रिया में अत्यधिक देरी से अनुबंधित शिक्षक वर्ग मानसिक तनाव और असुरक्षा से गुजर रहा है। इस प्रतिनिधिमंडल में सुमन रंगा, अमित मलिक, सोहनलाल, संदीप कुमार, सुशील सहित अन्य मौजूद रहे।
Girish Saini 

