उपायुक्त सचिन गुप्ता ने शिकायतों के समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए
एक सप्ताह में समाधान न होने पर तय होगी जिम्मेदारी।
रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने सरकार के विभिन्न जन-शिकायत पोर्टलों पर प्राप्त होने वाली शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
सीएम विंडो, जनसंवाद, सीपीग्राम, एनजीटी तथा समाधान शिविरों में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए उपायुक्त सचिन गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ता के संतुष्टि स्तर को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इन पोर्टलों पर दर्ज कोई भी शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिए। अधिकारियों को अपने स्तर पर भी नियमित समीक्षा कर शिकायतों के समाधान को सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सीएम विंडो, समाधान शिविर, जनसंवाद, सीपीग्राम व एनजीटी जैसे पोर्टल क्रियाशील किए हैं, जिन पर आमजन अपनी शिकायतें दर्ज करवाते हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित अधिकारी शिकायतों के निपटान की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करें और उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी समय-समय पर साझा करें।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि एक सप्ताह के भीतर लंबित शिकायतों का संतोषजनक समाधान नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी निर्धारित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिकायतों के शीघ्र निपटान में किसी प्रकार की ढिलाई सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक उत्तरदायी, संवेदनशील और पारदर्शी बनाने के लिए आपसी तालमेल के साथ कार्य करें।
बैठक के दौरान उपायुक्त सचिन गुप्ता ने ओवरड्यू, इन-एक्शन, डिस्पोजल, एडिशनल मार्क्ड और पेंडेंसी से संबंधित मामलों पर एक-एक कर अधिकारियों से रिपोर्ट प्राप्त की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार, सांपला के एसडीएम उत्सव आनंद, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त मनजीत सिंह, नगराधीश अंकित कुमार, मंडल आयुक्त के ओएसडी शुभम, डीडीपीओ राजपाल चहल, डीआरओ प्रमोद चहल, डीईओ मनजीत मलिक, डीईईओ दिलजीत सिंह सहित अन्य विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद थे।

Girish Saini 

