डीसी सचिन गुप्ता ने मत्स्य पालन क्षेत्र में संचालित की जा रही योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया

डीसी सचिन गुप्ता ने मत्स्य पालन क्षेत्र में संचालित की जा रही योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया

रोहतक, गिरीश सैनी। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि अनुसूचित जाति के व्यक्तियों के लिए मत्स्य पालन क्षेत्र में अनेक प्रकार के अनुदान व लाभ दिये जा रहे है। संबंधित व्यक्ति सरकार की योजना का पूरा लाभ उठायें। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति के व्यक्तियों के लिए मछली पालन के लिए प्रथम वर्ष पट्टा राशि पर विभाग द्वारा प्रत्येक लाभार्थी को 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अथवा पट्टे की वास्तविक राशि का 50 प्रतिशत (जो भी कम हो) अनुदान के रूप में प्रदान किया जाएगा। यह अनुदान केवल पंचायती तालाबों/सरकारी जलाश्यों पर मान्य होगा। यह राशि केवल प्रथम वर्ष की पट्ठा राशि पर प्रदान की जाएगी तथा अनुदान की अधिकतम सीमा 4 हेक्टेयर पर दो लाख रुपये प्रति लाभार्थी होगी।

उपायुक्त ने बताया कि मछली पालन के लिए द्वितीय एवं आगामी वर्षों की पट्टा राशि पर विभाग द्वारा प्रत्येक लाभार्थी को 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अथवा पट्टे की वास्तविक राशि का 40 प्रतिशत (जो भी कम हो) अनुदान के रूप में प्रदान किया जाएगा। मछली पकड़ने के ठेके पर अनुदान के तहत विभाग द्वारा जिला के अधिसूचित पानी (नदी, नहरें तथा ड्रेन) में मछली पकड़ने के अधिकारों की नीलामी प्रतिवर्ष की जाती है। अधिसूचित पानी में मछली पकड़ने के अधिकारों की प्राप्ति पर अनुसूचित जाति के व्यक्ति को स्वीकृत बोली की 50 प्रतिशत की दर से वित्तीय सहायता मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा 5 लाख रुपये है। खाद-खुराक पर अनुदान के अंतर्गत मत्स्य पालक को खाद-खुराक पर कुल लागत रुपये एक लाख 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का 60 प्रतिशत या धनराशि 90 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर (जो भी कम हो) अनुदान रूप में प्रदान किया जायेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 4 हेक्टेयर पर 3 लाख 60 हजार रुपये प्रति लाभार्थी होगी। जाल खरीद पर अनुदान के तहत विभाग द्वारा लाभार्थी को मछली पकड़ने व मत्स्य पालन हेतु जाल खरीद पर 40 हजार रुपये के जाल खरीद पर 60 प्रतिशत या धनराशि 24 हजार रुपये प्रति लाभार्थी (जो भी कम हो) अनुदान के रुप में प्रदान किया जायेगा। रेहड़ी, स्टोव/ गैस चूल्हा, बर्तन आदि सहित पर अनुदान के तहत मत्स्य विभाग द्वारा अनुसूचित जाति के परिवारों को मछली एवं मछली उत्पाद की बिक्री हेतु रेहड़ी (स्टोव/गैस चूल्हा, बर्तन आदि सहित) इत्यादि पर अनुदान प्रदान करने का प्रावधान है। इस मद में 60 हजार रुपये की रेहड़ी (स्टोव/गैस चूल्हा, बर्तन आदि सहित) की खरीद पर 60 प्रतिशत या अधिकतम धनराशि 36 हजार रुपये प्रति लाभार्थी (जो भी कम हो) अनुदान के रूप में प्रदान किया जायेगा।

जिला मत्स्य अधिकारी आशा हुड्डा ने बताया कि अनुसूचित जाति के व्यक्ति इस योजना का लाभ लेने हेतु अपने आवेदन स्थानीय लघु सचिवालय स्थित कमरा संख्या 302 में जिला मत्स्य अधिकारी के कार्यालय तथा विभाग के महम, सांपला, कलानौर व लाखनमाजरा में स्थित कार्यालय में जमा करवाएं।