जनसंपर्क को जन सरोकार से जोड़कर बनाएं समाज कल्याण का माध्यमः सुनित मुखर्जी
विद्यार्थियों को दिया फोर पी का मंत्र।
रोहतक, गिरीश सैनी। जनसंपर्क को केवल सूचना प्रसार तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे जन सरोकारों से जोड़कर समाज के कल्याण का माध्यम बनाना होगा। ये विचार एमडीयू के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के प्राध्यापक सुनित मुखर्जी ने व्यक्त किए। वे स्थानीय जाट कॉलेज के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे।
सुनित मुखर्जी ने कहा कि जनसंपर्क एक रणनीतिक संचार प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से सामाजिक सरोकार, सामुदायिक उत्थान, जन कल्याण और राष्ट्र निर्माण के कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकता है। पर्यावरणीय जागरूकता, सामाजिक समरसता, लैंगिक संवेदनशीलता और युवाओं की सकारात्मक भागीदारी जैसे मुद्दों को जनसंपर्क से जोड़ने का आह्वान भी उन्होंने किया।
विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए सुनित मुखर्जी ने महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस और सर छोटू राम के विचारों का उल्लेख किया और जनसंपर्क के वास्तविक उद्देश्य को समझने पर बल दिया। करियर संभावनाओं पर बात करते हुए उन्होंने फोर पी का मंत्र दिया- पैशन फॉर पीआर, परपजफुल कम्युनिकेशन, पर्सिस्टेंट एफर्ट्स और परसूएसिव टच। साथ ही विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच और व्यवहार अपनाने की सलाह दी। अपने ओजस्वी कविता पाठ के साथ उन्होंने व्याख्यान का समापन किया।

Girish Saini 

