एचकेआरएन कर्मियों को पक्का करने की मांग के समर्थन में कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन
एचकेआरएन के माध्यम से ठेका प्रथा को बढ़ावा दे रही सरकारः पूर्व सीएम हुड्डा
रोहतक/पंचकूला, गिरीश सैनी। हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के तहत कार्यरत कर्मियों को पक्का करने की मांग को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को पंचकूला में बड़ा धरना-प्रदर्शन किया। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र के नेतृत्व में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता एचकेआरएन कार्यालय पहुंचे, लेकिन पुलिस ने बैरीकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान पूर्व सीएम हुड्डा ने कहा कि एचकेआरएन के जरिए युवाओं का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि निगम के तहत लगे सभी कर्मचारियों को सरकारी सेवा में नियमित किया जाए तथा उन्हें समान वेतनमान, डीए, पदोन्नति, आरक्षण और सेवानिवृत्ति लाभ दिए जाएं। उन्होंने कहा कि भविष्य में सभी नियुक्तियां स्थायी भर्ती प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए।
हुड्डा ने आरोप लगाया कि सरकार का काम स्थायी भर्तियां करना है, लेकिन भाजपा सरकार राजपत्रित पदों को भी एचकेआरएन के माध्यम से भरकर ठेका प्रथा को बढ़ावा दे रही है। इससे दलित, पिछड़े और गरीब वर्गों के आरक्षण के अधिकार भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सरकारी पदों की संख्या बढ़ाकर चार लाख की थी, जबकि भाजपा सरकार ने इसे घटाकर करीब ढाई लाख कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले 1.25 लाख कौशल कर्मियों को पक्का करने का वादा किया था और 15 अगस्त 2024 को अधिसूचना भी जारी की थी, लेकिन करीब दो साल बाद भी नियमितीकरण के लिए कोई कानून या आधिकारिक आदेश नहीं आया। उन्होंने कहा कि नौकरी की असुरक्षा के कारण कर्मियों पर लगातार दबाव बना रहता है।
प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र ने कहा कि कांग्रेस सरकार की नियमितीकरण नीति को अदालतों से वैधता मिल चुकी है, जबकि भाजपा अपने साढ़े 11 साल के शासन में ऐसी कोई नीति नहीं बना सकी। उन्होंने कहा कि इसका खामियाजा हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों को भुगतना पड़ रहा है।
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि सरकार एचकेआरएन कर्मियों को कर्मचारी तक नहीं मानती, बल्कि उन्हें एम्प्लॉय के बजाय डिप्लॉय किया हुआ बताती है। उन्होंने मांग की कि एचपीएससी, एचएसएससी और अन्य संस्थाओं के माध्यम से होने वाली सभी भर्तियां स्थायी आधार पर हों और आरक्षण के प्रावधानों का पालन किया जाए।
दीपेंद्र हुड्डा ने नॉट फाउंड सूटेबल (एनएफएस) के नाम पर एससी और ओबीसी युवाओं के साथ अन्याय का आरोप लगाते हुए कहा कि हरियाणा का कोई युवा नॉट फाउंड सूटेबल नहीं है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि बुधवार का प्रदर्शन महज ट्रेलर है और मांगें नहीं मानी गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन में सांसद वरुण मुलाना, सतपाल ब्रह्मचारी व कर्मवीर बौद्ध सहति विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Girish Saini 

