मानवीय संवेदनाओं की संवाहक हैं पुस्तकें - सुनित मुखर्जी

विश्व पुस्तक दिवस पर पत्रकारिता विभाग में बुक क्लब कार्यक्रम।

मानवीय संवेदनाओं की संवाहक हैं पुस्तकें - सुनित मुखर्जी

रोहतक, गिरीश सैनी। पुस्तकें न केवल ज्ञान विस्तारण का कार्य करती हैं, बल्कि पुस्तकें मानवीय संवेदनाओं की संवाहक भी हैं। पुस्तकों से जुड़ने, पुस्तकें पढ़ने, तथा सहेजी समाज बनाने के लिए पुस्तक पठन-पाठन संस्कृति विकसित करने की बात विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस पर एमडीयू के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में बुक क्लब एक्टिविटी (संवाद कार्यक्रम) में प्राध्यापक सुनित मुखर्जी ने कही।

विभाग के बुक क्लब के प्रभारी प्राध्यापक सुनित मुखर्जी ने इस कड़ी में बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य पर लिखी व संकलित घोष की पुस्तक बैटलग्राउंड बंगाल तथा भोजन की बौद्धिक संपदा पर अनिमेष मुखर्जी की पुस्तक इतिहास की थाली बारे विद्यार्थियों को अवगत करवाया। इतिहास की थाली पुस्तक बारे उन्होंने कहा कि हमारी थाली सिर्फ पेट नहीं परोसती, भूख ही नहीं मिटाती बल्कि इतिहास की जानकारी देती है तथा सांस्कृतिक पहचान है। वहीं बैटलग्राउंड बंगाल पुस्तक बंगाल के बदलते राजनीतिक परिदृश्य की विश्लेषणात्मक प्रस्तुति है। इस पुस्तक के संदर्भ में राजनीतिक संघर्ष के अनन्त आयामों तथा ग्राउंड रिपोर्टिंग पर भी चर्चा हुई।

विद्यार्थियों ने भी अपने इनपुट व अपनी राय रखी। पुस्तकों से जुड़ने तथा पुस्तक उपहार देने की संकल्पबद्धता से इस संवाद कार्यक्रम का समापन हुआ।