राष्ट्रीय सम्मेलन में बीएमयू के शोधार्थियों ने हासिल किया शीर्ष सम्मान

पर्यावरणीय चुनौतियों पर किया गहन अध्ययन।

राष्ट्रीय सम्मेलन में बीएमयू के शोधार्थियों ने हासिल किया शीर्ष सम्मान

रोहतक, गिरीश सैनी। बाबा मस्तनाथ विवि, अस्थल बोहर के प्राणी शास्त्र विभाग के शोधार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में शीर्ष सम्मान प्राप्त किया है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बीच अंतरापृष्ठ: वैश्विक स्वास्थ्य और पर्यावरणीय स्थिरता की ओर एक सेतु विषय पर इस राष्ट्रीय सम्मेलन में बीएमयू की शोधार्थी डिंपल ने सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति के लिए प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, पूनम ने द्वितीय और रूबी ने तृतीय स्थान हासिल किया। श्री साई विवि, पालमपुर (हिमाचल प्रदेश) के साईं जैव विज्ञान विद्यालय द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में देशभर से शोधार्थियों ने भाग लिया।

सम्मेलन में प्रस्तुत अपने शोध में बीएमयू के शोधार्थियों ने वर्तमान समय की गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों—विशेषकर हरियाणा क्षेत्र में बढ़ते सूक्ष्म-प्लास्टिक (माइक्रोप्लास्टिक्स) और भारी धातु प्रदूषण—पर गहन अध्ययन प्रस्तुत किया। उन्होंने इन प्रदूषकों के पारिस्थितिकी तंत्र तथा मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों का वैज्ञानिक विश्लेषण किया।

यह शोध कार्य आईक्यूएसी निदेशक एवं प्राणीशास्त्र विभाग के सह-प्राध्यापक डॉ. अरूप गिरी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। पारि-विषविज्ञान और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के विशेषज्ञ डॉ. गिरी ने कहा कि आज के समय में स्थानीय पर्यावरणीय समस्याओं का वैज्ञानिक अध्ययन वैश्विक समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हमारे शोधार्थियों ने जिस गंभीरता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अपने कार्य को प्रस्तुत किया है, वह सराहनीय है।

एक सम्मान समारोह में कुलपति प्रो. बी.एम. यादव एवं कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारियों और संकाय सदस्यों ने शोधार्थियों को सम्मानित किया। कुलपति प्रो. बी.एम. यादव ने कहा कि यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि विवि में शोध और नवाचार को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पर्यावरणीय समस्याओं पर किया गया यह शोध आने वाले समय में नीति निर्माण और जनजागरूकता के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।

कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार ने कहा कि बीएमयू गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। ये सफलता संस्थान के मजबूत शोध-परक वातावरण और समर्पित संकाय का परिणाम है। इस दौरान डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. नवीन कपिल, डीन फैकल्टी ऑफ साइंसेज प्रो. मनोज कुमार, आईक्यूएसी निदेशक डॉ. अरूप गिरी तथा शोधार्थी पूनम व रूबी भी मौजूद रहे। उपस्थित जन ने शोधार्थियों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।